जींद बेसहारा और निराश्रित बच्चों के लिए सरकार की ओर से राहत भरी पहल की गई है। जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि ऐसे बच्चों को प्रतिमाह 1850 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह लाभ 21 वर्ष तक की आयु के उन बच्चों को मिलेगा, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, लंबे समय से लापता हैं, उन्हें एक वर्ष या उससे अधिक की कैद हुई है या फिर मानसिक व शारीरिक अक्षमता के कारण वे देखभाल करने में असमर्थ हैं।
दो बच्चों तक मिलेगा लाभ
डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि किसी परिवार में अधिकतम दो बच्चों को यह लाभ मिल सकता है। प्रत्येक बच्चे को 1850 रुपये प्रति माह की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य निराश्रित बच्चों को आर्थिक सहारा देना और उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद करना है।
जरूरी दस्तावेज़ होंगे आधार
वित्तीय सहायता पाने के लिए पात्र परिवारों को जरूरी दस्तावेज़ जमा कराने होंगे। इनमें बेसहारा होने का प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पांच वर्ष या उससे अधिक समय से हरियाणा निवासी होने का प्रमाण, फोटोयुक्त वोटर कार्ड या राशन कार्ड, और परिवार पहचान पत्र शामिल हैं।
अपात्र नहीं उठा पाएंगे लाभ
डीसी ने स्पष्ट किया कि यदि बच्चे के माता-पिता या अभिभावक पहले से किसी सरकारी योजना के तहत पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, तो वह इस स्कीम का लाभ नहीं ले पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, वे वैकल्पिक प्रमाण पत्र और पांच साल से हरियाणा में निवास का हलफनामा देकर भी आवेदन कर सकते हैं।

