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हरियाणा के मंत्री का शिकायतकर्ता कोच के साथ रिश्ता पेशेवर बातचीत से परे : चंडीगढ़ पुलिस

September 7, 2023

हरियाणा के मंत्री का शिकायतकर्ता कोच के साथ रिश्ता पेशेवर बातचीत से परे : चंडीगढ़ पुलिस

चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस की 700 पेज की चाजर्शीट में यह बात सामने आई है कि हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह, जिनका मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एक जूनियर एथलेटिक्स कोच द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप के मामले में उनका बचाव कर रहे हैं, का कोच के साथ पेशेवर बातचीत से परे रिश्ता रहा है।
45 गवाहों के बयान के आधार पर तैयार किए गए आरोपपत्र में कहा गया है कि मंत्री यह नहीं बता सके कि वह आधिकारिक कार्य घंटों के बाद देर रात में शिकायतकर्ता से क्यों मिले।

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और पहली बार विधायक बने मंत्री ने अग्रिम जमानत के लिए सोमवार को चंडीगढ़ की अदालत में याचिका दायर की और मामला 13 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।एक यूटय़ूब चैनल को दिए साक्षात्कार में महिला कोच ने संदीप सिंह पर 2022 में तीन मौकों पर उनके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। इस साक्षात्कार को कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने रीट्वीट किया है।अपनी पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में उन्होंने दावा किया था कि तत्कालीन खेल मंत्री संदीप सिंह ने जुलाई 2022 में उन्हें फोन किया था और खुद को उन पर धकेलने की कोशिश की थी।

पुलिस की चाजर्शीट में यह भी कहा गया है कि पीड़िता संदीप सिंह के आधिकारिक आवास में बेडरूम, साइड रूम, बाथरूम और सभी संपर्क मार्गों की पहचान करने में सक्षम थी।आरोपपत्र में कहा गया, ‘इससे पता चलता है कि पीड़िता उन कमरों में गई थीं।‘मंत्री ने दावा किया था कि वह केवल उनके घर में बने मुख्य कार्यालय के केबिन में आई थीं।आरोपपत्र के अनुसार, ‘‘पीड़िता के मोबाइल फोन के संबंध में सीएफएसएल रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि आरोपी और पीड़िता एक-दूसरे के नियमित संपर्क में थे और उनका रिश्ता पेशेवर बातचीत से परे था।

‘हालांकि, एकत्र किए गए सबूतों के विपरीत, आरोपी ने अपनी पूछताछ के दौरान उसके साथ किसी भी तरह के व्यक्तिगत संबंध होने से पूरी तरह इनकार किया। कुछ गवाहों ने यह भी उल्लेख किया है कि मंत्री और पीड़िता के बीच घनिष्ठ संबंध थे।‘पिछले साल चंडीगढ़ के सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (महिला की शील भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354-ए (यौन उत्पीड़न), 354-बी (महिला को निर्व करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 342 (गलत तरीके से कारावास) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

यह आश्वासन देते हुए कि संदीप सिंह, जो इस समय मुद्रण और स्टेशनरी राज्यमंत्री हैं, इस्तीफा नहीं देंगे, मुख्यमंत्री खट्टर ने हाल ही में समाप्त विधानसभा सत्र में कहा कि ‘इस मुद्दे पर विचार करने के बाद मैंने फैसला किया है और अब यह स्पष्ट है कि संदीप सिंह को इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा जाएगा।’उनका यह बयान तब आया, जब कांग्रेस नेता भूपिंदर हुड्डा ने आरोपपत्र दायर होने के बाद संदीप सिंह को बर्खास्त करने या इस्तीफे की मांग की।

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