कोविड-अनाथ बच्चों की मदद के लिए बनी PM Cares योजना में हरियाणा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं दिखा। राज्य ने तीन वर्षों में केवल 22 बच्चों को ही योजना से जोड़ा।
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पड़ोसी राज्यों से तुलना
दिल्ली, यूपी और राजस्थान ने अपेक्षाकृत बेहतर नामांकन दर्ज किए। वहीं पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ हरियाणा से भी कमजोर साबित हुए।
देशभर की स्थिति
महाराष्ट्र शीर्ष पर रहा और 157 बच्चों को योजना में शामिल किया। तमिलनाडु और मध्य प्रदेश ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं छह राज्यों तथा केंद्रशासित क्षेत्रों में एक भी बच्चा नामांकित नहीं हुआ।
सरकार को दिए गए आंकड़े
राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार हरियाणा ने 2022 में 16, 2023 में दो और 2024 में चार बच्चों को योजना में जोड़ा। यह संख्या राष्ट्रीय स्तर पर 12वां स्थान दिला सकी।
वित्तीय सहायता का हाल
अब तक देशभर में केवल आठ बच्चों को 23 वर्ष की आयु पर दस लाख रुपये की सहायता मिली है। योजना के तहत प्रत्येक बच्चे के खाते में इतनी राशि का कोष तैयार किया जाता है, साथ ही 18 से 23 वर्ष की उम्र में मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
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