चंडीगढ़: हरियाणा की दोनों बिजली वितरण कंपनियों को अगले वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 4520 करोड़ रुपए का घाटा होने का अनुमान है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने हरियाणा बिजली नियायक आयोग (एचईआरसी) के समक्ष दायर याचिकाओं में यह जानकारी साझा की है।
दोनों कंपनियों ने आयोग से आग्रह किया है कि इस घाटे को पूरा करने के लिए जैसा आदेश चाहें, पारित कर दे। यूएचबीवीएन को 1614 करोड़ रुपए और डीएचबीवीएन को 2536 करोड़ रुपए का घाटा होने का अनुमान है। साथ में 2023 में दोनों निगमों का 327 करोड़ रुपए का बकाया है और इस पर होल्डिंग कॉस्ट 41 करोड़ रुपए बनती है। इस तरह 2025-26 में दोनों वितरण निगमों को 4520.24 करोड़ रुपए का घाटा होने का अनुमान है।

