Last Updated: November 6, 2026

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12 साल से लंबित मांगों पर 17 सितंबर को उम्मीद

September 13, 2026

12 साल से लंबित मांगों पर 17 सितंबर को उम्मीद

Hopes for demands on the 17th : महेंद्रगढ़। विधानसभा क्षेत्र की लंबे समय से लंबित विकास योजनाओं और बुनियादी मांगों को लेकर लोगों की निगाहें 17 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रस्तावित महेंद्रगढ़ दौरे पर टिकी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रामनिवास पाटोदा, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध लोगों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री क्षेत्र की करीब 12 वर्षों से लंबित समस्याओं और अधूरी घोषणाओं पर ठोस कार्रवाई की दिशा में पहल करेंगे।

करोड़ों की योजनाओं के अधूरे रहने पर सवाल

सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार विभिन्न मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम कई बार ज्ञापन भी भेजे गए हैं। उनका आरोप है कि मांगों पर आश्वासन तो मिले, लेकिन अपेक्षित गति से काम नहीं हो पाया। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे से लोगों को पुरानी मांगों के समाधान और नई विकास परियोजनाओं की घोषणा की उम्मीद है। सामाजिक संगठनों ने महेंद्रगढ़ के विकास से जुड़ी कई प्रमुख समस्याओं को सामने रखा है। इनमें करोड़ों रुपये की लागत से तैयार स्विमिंग पूल का लंबे समय से उपयोग में नहीं आना, नागरिक अस्पताल के सात मंजिला नए भवन का धीमा निर्माण, शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान व्यवस्था का प्रभावित होना, बाईपास की मांग तथा खेल स्टेडियम की बदहाल स्थिति प्रमुख हैं। इनका कहना है कि इन योजनाओं और सुविधाओं का समय पर संचालन व विकास होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं नागरिक अस्पताल के नए भवन के निर्माण में तेजी लाने की मांग भी लंबे समय से उठती रही है।

पर्यटन से लेकर रेल परियोजना तक लंबी सूची

महेंद्रगढ़ के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर भी सामाजिक संगठनों ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि माधोगढ़ किले के विकास का कार्य अधूरा है, जबकि राजा महेंद्र सिंह के किले को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की योजना भी आगे नहीं बढ़ सकी है। इसके अलावा महेंद्रगढ़-डुलाना-कुंड-रेवाड़ी मार्ग को फोरलेन करने, नहरी पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, अवैध घोषित कॉलोनियों को वैध करने, महेंद्रगढ़ को नगर परिषद का दर्जा देने तथा सप्ताह में कम से कम तीन दिन जिला स्तरीय अधिकारियों की महेंद्रगढ़ में मौजूदगी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई जा रही है। सामाजिक संगठनों ने महेंद्रगढ़ में आईआईटी की स्थापना, नांगल सिरोही स्थित किसान मॉडल स्कूल का उपयोग, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, महेंद्रगढ़ को पुलिस जिला बनाने, आईएमटी विकसित करने तथा वर्ष 2012 से लंबित दादरी-महेंद्रगढ़-नारनौल-अलवर रेल लाइन परियोजना पर काम शुरू कराने जैसी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है।

घोषणाओं से आगे बढ़कर धरातल पर काम की उम्मीद

सामाजिक कार्यकर्ता रामनिवास पाटोदा का कहना है कि महेंद्रगढ़ की जनता ने लंबे समय से विकास की उम्मीद में सरकार का समर्थन किया है। अब 17 सितंबर को मुख्यमंत्री के दौरे से क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय होंगे और केवल घोषणाओं के बजाय विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। अब 17 सितंबर को मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महेंद्रगढ़ की लंबित मांगों में से किन पर सरकार ठोस घोषणा करती है और किन योजनाओं को गति मिलती है। क्षेत्रवासियों की निगाहें इस दौरे पर टिकी हुई हैं।

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