Jagrati Wins Bronze Despite Fever : करनाल। बुखार से पीड़ित होने के बावजूद धौलगढ़ की 13 वर्षीय ताइक्वांडो खिलाड़ी जागृति कश्यप ने पानीपत में आयोजित सीबीएसई राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में अंडर-17 के अंडर-32 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर परिवार, स्कूल और गांव का नाम रोशन किया।
बुखार से पीडि़त होने के बावजूद जागृति ने अंडर-17 के अंडर-32 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर परिवार, विद्यालय और गांव का नाम रोशन किया। जागृति कश्यप आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल, अल्फा सिटी, करनाल की छात्रा हैं। प्रतियोगिता के दौरान उनकी तबीयत खराब थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पूरे आत्मविश्वास एवं अनुशासन के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने हैदराबाद की संविथा, तमिलनाडु की रितु वर्मा और असम की हिमांगी तमांग के साथ मुकाबले किए। कड़े मुकाबलों के बीच उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
जागृति ने अपनी सफलता का श्रेय आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल की कोच सुनीला के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और कोच के निरंतर प्रोत्साहन से उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार होने में काफी मदद मिली। जागृति ने कोच सुनीला को अपना प्रेरणास्रोत बताया। महज 13 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली जागृति ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी शहर की मोहताज नहीं है। मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। जागृति की उपलब्धि की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में खुशी की लहर दौड़ गई। घर पहुंचने पर परिजनों और शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर उसका उत्साह बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जागृति के पिता कदम सिंह और माता गीता देवी तथा बहन गौरा और भाई कर्ण सिंह ने उसे बधाई दी। उन्होंने कहा कि बुखार के बावजूद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरकर पदक हासिल करना उसके साहस, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। परिवार को उम्मीद है कि जागृति आने वाले समय में और मेहनत कर स्वर्ण पदक हासिल करेगी। जागृति ने भी भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने को अपना लक्ष्य बताया। उसकी इस उपलब्धि से गांव धौलगढ़ और क्षेत्र के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।

