
जींद। शहर की सफाई व्यवस्था फिर से पटरी से उतर गई है। कचरा उठान के नए टेंडर की ओपन बिड प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सीएम से मंजूरी का इंतजार लंबा खिंच गया है। इसके चलते शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बदबू और गंदगी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पुराना टेंडर खत्म होने के बाद नगर परिषद ने अस्थायी व्यवस्था के तहत 120 से 130 कर्मचारियों को लगाकर सफाई का काम संभाला हुआ है। बावजूद इसके कई वार्डों में कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है और डोर-टू-डोर कलेक्शन में अनियमितता की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
जानकारी के अनुसार, सफाई टेंडर जून में खत्म हो गया था। पहली बार एजेंसियों द्वारा रेट अधिक भरने पर सीएम ने प्रक्रिया रद्द कर दी थी। अब दूसरी बार टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई है और जिन एजेंसियों ने कम रेट भरे हैं, उनके नाम मंजूरी के लिए सीएम कार्यालय को भेजे गए हैं।
नए टेंडर में कचरा उठान, डोर-टू-डोर कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्पोजल की व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। साथ ही, सफाई कर्मियों की उपस्थिति और वाहनों की ट्रैकिंग के लिए जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम जोड़ा गया है ताकि पारदर्शिता और दक्षता बढ़े।
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नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने बताया कि छह एजेंसियों की फाइनेंशियल बिड खोली गई है। कम रेट देने वाली एजेंसियों के प्रस्ताव सीएम की कमेटी को भेज दिए गए हैं। मंजूरी मिलते ही वर्क ऑर्डर जारी कर सफाई व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।
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