जींद। एडिशनल सेशन जज जयबीर सिंह की अदालत ने वर्ष 2018 में दर्ज NDPS मामले में दो युवकों को राहत देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि पुलिस आरोप साबित करने के लिए आवश्यक और विश्वसनीय सबूत पेश नहीं कर सकी।
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फरवरी 2018 में डिटेक्टिव स्टाफ की टीम बराह कलां क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि सुंदरपुर निवासी एक युवक मंदिर के पास मादक पदार्थ बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से करीब ढाई किलो गांजा मिलने का दावा किया। इसके आधार पर पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान किलाजफरगढ़ निवासी एक अन्य युवक का नाम भी रिकॉर्ड में सामने आया।
लेकिन लंबे समय तक चली जांच के बावजूद पुलिस दोनों के खिलाफ ठोस और अदालत में टिक सकने वाले सबूत प्रस्तुत करने में असफल रही। यही कारण रहा कि अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश सुनाया।

