
अंबाला : जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस द्वारा एक गोपनीय सूचना जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला को दी गई। सूचना के अनुसार 30 जुलाई, को ट्रेन संख्या 12407 करमभूमि एक्सप्रेस के माध्यम से बच्चों को पंजाब के विभिन्न स्थानों पर मजदूरी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। सूचना मिलते ही संगठन प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला के निर्देशानुसार प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी ने तत्काल बाल कल्याण समिति अंबाला, मानव तस्करी विरोधी इकाई, जीआरपी तथा आरपीएफ अंबाला कैंट को सूचित किया।
इसके बाद सभी संबंधित विभागों के समन्वय से संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया।संयुक्त टीम द्वारा दोपहर लगभग 1:10 बजे करमभूमि एक्सप्रेस में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 04 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के विभिन्न स्थानों पर मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। इनमें से 02 बच्चों को लुधियाना में कार्य कराने के लिए भेजा जा रहा था, जहां उन्हें प्रतिदिन 400 रुपये मजदूरी देने का लालच दिया गया था।
वहीं अन्य 02 बच्चों को जालंधर में काम कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।रेस्क्यू के पश्चात बच्चों के साथ बातचीत की गई तथा उनकी सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया। डीडीआर एवं मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति, अंबाला की चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा मामले पर विचार करने के उपरांत आदेश जारी किए गए कि बच्चों को देखभाल एवं संरक्षण हेतु ओपन शेल्टर होम, अंबाला कैंट भेजा जाए। परमजीत सिंह बड़ोला ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं शोषण-मुक्त वातावरण में जीवन जीने का अधिकार है।
बाल तस्करी एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को सजग एवं जागरूक रहना होगा। इस संयुक्त अभियान में आरपीएफ से एसआई निर्मल, एसआई पंकज एवं उनकी टीम, मानव तस्करी निरोधक इकाई से एसआई मुकेश रानी, एचसी जसविंदर सिंह, तथा जिला युवा विकास संगठन की ओर से प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी, हाकम सिंह, हरदीप सिंह नडिय़ाली एवं रूबल धीमान उपस्थित रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...