कैथल। आठवें वेतन आयोग के तहत पेंशन से जुड़े प्रावधानों को वित्त विधेयक-2025 में शामिल न किए जाने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है। रिटायर्ड कर्मचारी संघ, कैथल जिला ने इसे पेंशनरों के अधिकारों की अनदेखी करार दिया है।
संघ के वरिष्ठ उपप्रधान जसबीर सिंह और सचिव जयप्रकाश शास्त्री ने कहा कि वर्षों तक सरकारी सेवा देकर देश के विकास में योगदान देने वाले कर्मचारियों के साथ यह निर्णय अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सक्रिय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच भेदभाव की नीति अपना रही है।
पेंशनर्स की इस नाराजगी के विरोध में 17 दिसंबर को अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापन में वित्त विधेयक-2025 को वापस लेने तथा पूर्व की व्यवस्था के अनुसार आठवें वेतन आयोग के सभी लाभ पेंशनरों को प्रदान करने की मांग उठाई जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णय स्पष्ट करते हैं कि पेंशन कोई अनुग्रह नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है, जिसे आर्थिक तर्कों के आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने सरकार से अपील की कि पेंशनर्स की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक फैसला लिया जाए, ताकि बुजुर्ग कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े।

