करनाल। शहर की हवा लगातार खराब होती जा रही है। इसके बावजूद कई लोग कूड़ा और सूखे पत्ते जला रहे हैं। इससे अस्थमा, फेफड़ा और दिल के मरीजों की मुश्किल और बढ़ी है।
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धीमी उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने भी स्थिति बिगाड़ी। इन हवाओं के कारण दिन का तापमान थोड़ा गिरा। कई दिनों से हवा में नमी 60 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। गुरुवार को नमी 61 प्रतिशत रही।
सुबह हल्की धुंध दिखाई दी। हालांकि 2.6 किलोमीटर प्रति घंटा की धीमी हवा ने धुंध का असर कम किया। इसके बावजूद शहर की एयर क्वॉलिटी मध्यम स्तर पर रही। करनाल का एक्यूआई 164 दर्ज किया गया।
सामान्य लोगों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। लेकिन दमा, दिल और फेफड़े के मरीजों को सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। इसके बावजूद कई इलाकों में लोग कूड़ा जलाते नजर आए। धुआं इन मरीजों के लिए और नुकसानदायक साबित हुआ।
नगर निगम ने सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। लेकिन कूड़ा जलाने पर रोक को लेकर सख्ती नहीं दिखी।
मौसम में बढ़ेगी नमी
सीएसएसआरआई वेधशाला के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि 18 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा। आने वाले दिनों में नमी और बढ़ सकती है। रात का तापमान एक से दो डिग्री गिर सकता है। इससे सर्दी भी बढ़ेगी।
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