करनाल: गरीब परिवारों को सरकार की तरफ से मिलने वाली रियायती दरों की सुविधाओं को लेकर बड़ा झटका सामने आया है। सरकार ने एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) और बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) राशन कार्डधारकों को हर महीने मिलने वाले 2 लीटर सरसों तेल की कीमत में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। पहले जहां यह तेल केवल 40 रुपये में मिलता था, अब इसके लिए कार्डधारकों को 100 रुपये चुकाने होंगे। यानी प्रति परिवार अब 60 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
करनाल में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
इस निर्णय के विरोध में आज करनाल में जिला यूथ कांग्रेस ने ज़िला सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस फैसले को गरीब विरोधी करार दिया।
-कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रजत लाठर ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि, “चुनावों से पहले सरकार गरीबों को राहत देने की बात करती है, लेकिन चुनावों के बाद मुनाफाखोरी के चलते उन्हीं गरीबों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। पहले ही महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है और अब सरसों तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने गरीब की रसोई पर सीधा हमला किया है।”
-करनाल जिले के पांचों विधायक आये सामने
रजत लाठर ने यह भी मांग की कि करनाल जिले के पांचों विधायक इस मुद्दे पर खुलकर सामने आएं और सरकार पर दवाब बनाकर गरीबों के राशन में बढ़े दामों को कम करवाएं। उन्होंने बताया कि यूथ कांग्रेस की ओर से डीएम को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें तेल की कीमतें वापस 40 रुपये करने की मांग की गई है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से यह अपील भी की कि गरीबों को राहत देना उनका कर्तव्य है, न कि केवल चुनावी वादा। अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।

