करनाल। नगर निगम करनाल की ओर से ठोस कचरा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शेखपुरा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) के वैज्ञानिक निस्तारण और बायो-माइनिंग कार्य का शुभारंभ हो गया है।
काम की शुरुआत विधायक जगमोहन आनंद और महापौर रेणु बाला गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अनेक वार्ड पार्षद, नगर निगम अधिकारी और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक, महापौर और पार्षदों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। बता दें किवर्तमान में शेखपुरा स्थित प्लांट में लगभग 1 लाख 83 हजार मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट जमा है। इस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा, जिससे कि प्लांट परिसर को पुराने कचरे से मुक्त किया जा सके और पर्यावरण पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।

लेगेसी वेस्ट की बायो-माइनिंग और प्रोसेसिंग का काम 6 माह की अवधि में पूरा किया जाएगा। इस कार्य को हिसार की मैसर्स स्वास्तिक कैरियर कंपनी द्वारा किया जाएगा। एजेंसी ने प्राथमिकता के आधार पर कार्य करते हुए कचरे के निस्तारण का लक्ष्य 4 माह में पूरा करने की योजना बनाई है। इस कार्य पर करीब 689.22 लाख रुपये की लागत आएगी। विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर के निर्माण के लिए पुराने कचरे का निस्तारण अत्यंत आवश्यक है। वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट पर्यावरण और जन स्वास्थ्य दोनों के लिए चुनौती बना हुआ था। अब इस कार्य के शुरू होने से शहर को एक बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने संबंधित एजेंसी को निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में देरी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
निर्धारित समयावधि के भीतर कार्य को पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को भी नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि तय समय-सीमा में कचरे का निस्तारण कार्य पूरा किया जा सके। महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि नगर निगम करनाल शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। लेगेसी वेस्ट का निस्तारण केवल कचरा हटाने का कार्य नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ वातावरण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पुराने कचरे के निस्तारण के बाद इस भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा तथा प्लांट परिसर अधिक व्यवस्थित एवं पर्यावरण अनुकूल बनेगा। महापौर ने एजेंसी को निर्देश दिए कि कार्य पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक मानकों के अनुसार किया जाए तथा नियमित रूप से कार्य प्रगति की जानकारी नगर निगम को उपलब्ध कराई जाए।
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