Site icon Dainik Savera Times

गीले-सूखे कचरे का होगा अलग-अलग प्रबंधन

Karnal Plans Waste Segregation in 600 Homes : करनाल। कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम छह वार्डों के 600 घरों को मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है।

हर वार्ड से 100 घर चिन्हित किए गए हैं। इस पहल के तहत लोगों को गीला, सूखा, सैनिटरी और घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। गीले कचरे से घर पर खाद बनाने और सूखे कचरे को पुनर्चक्रण के लिए उपयोग करने पर जोर दिया जाएगा।

सैनिटरी और हानिकारक कचरे को भी सामान्य कचरे से अलग रखने की व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए नगर निगम करनाल शहर के छह वार्डों में 600 घरों को मॉडल के रूप में तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। प्रत्येक वार्ड से 100-100 घरों को चिन्हित किया गया है। अभी कई घरों में रसोई का कचरा, प्लास्टिक, कागज, सैनिटरी वेस्ट और अन्य अपशिष्ट एक ही डस्टबिन में डाल दिए जाते हैं। इससे उपयोगी कचरे को दोबारा इस्तेमाल करने या उससे खाद बनाने में परेशानी आती है।

नगर निगम की प्रस्तावित पहल में लोगों को चार तरह के कचरे की पहचान कर उन्हें अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहली श्रेणी में गीला कचरा होगा, जिसमें सब्जियों और फलों के छिलके, चायपत्ती और भोजन के अवशेष शामिल होंगे। इससे घर पर कंपोस्ट तैयार करने की पहल की जाएगी। दूसरी श्रेणी में सूखा कचरा रखा जाएगा, जैसे कागज, गत्ता, प्लास्टिक, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री।

तीसरी श्रेणी सैनिटरी कचरे की होगी, जिसमें इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड और डायपर जैसे अपशिष्ट शामिल हैं। चौथी श्रेणी में घरेलू हानिकारक कचरा रखा जाएगा, जिसमें बैटरियां, इस्तेमाल किए गए बल्ब और अन्य निर्धारित हानिकारक अपशिष्ट शामिल हो सकते हैं। इन्हें सामान्य कचरे में मिलाने के बजाय उचित तरीके से अलग रखना जरूरी होगा।

 

Exit mobile version