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कर्नाल न्यूज: मंगलवार को यात्रा टालें, रोडवेज बसें सामान्य रूटों पर नहीं चलेंगी

कर्नाल। जिले में मंगलवार को रोडवेज बसों का सामान्य संचालन गंभीर रूप से प्रभावित रहेगा। कारण है कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाला श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस समागम, जिसके लिए करनाल से बड़ी संख्या में बसें भेजी जा रही हैं। 391 बसों में से 100 बसें करनाल रोडवेज डिपो से आरक्षित की गई हैं। कम उपलब्धता के कारण आम यात्रियों को पूरे दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

परिवहन विभाग और जिला प्रशासन ने गांवों व उपमंडलों से लोगों को कार्यक्रम स्थल तक ले जाने के लिए विशेष बस संचालन तैयार किया है। यह सभी बसें मंगलवार सुबह निर्धारित स्थानों से रवाना होंगी। वापसी भी इन्हीं बसों से होगी। इसलिए लंबी दूरी के रूटों से लेकर कई ग्रामीण रूट तक सामान्य अनुसार बस सेवा उपलब्ध नहीं हो पाएगी।

करनाल रोडवेज के पास 178 बसें हैं, जिनमें से 100 बसें आरक्षित होने के बाद केवल 78 बसें ही शहर व जिले के लिए बची हैं। बड़े रूटों पर सेवा बेहद कम रहेगी, जबकि ग्रामीण मार्गों पर फेरों में कटौती की गई है। अधिकारी मानते हैं कि सुबह से ही बस अड्डे पर भीड़ की संभावना है।

इसी बीच निजी सोसायटी की 65 बसें अपने नियमित रूटों पर चलती रहेंगी। ये बसें मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों और कुरुक्षेत्र–शाहाबाद कॉरिडोर में सेवा देती हैं। रोडवेज बसों की अनुपलब्धता के चलते इन रूटों पर भीड़ बढ़ सकती है। प्रशासन ने कई रूट डायवर्ट किए हैं, जिससे कुरुक्षेत्र की दिशा में जाने वालों को देरी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते कुरुक्षेत्र तरफ जाने वाले भारी वाहनों को नेशनल हाईवे–44 पर प्रवेश नहीं मिलेगा। सभी भारी वाहनों को 152डी हाइवे और इंद्री रोड से डायवर्ट किया गया है। सोमवार रात से ही बंदिशें लागू कर दी गई थीं, जिसके चलते इंद्री रोड पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी दिखाई दीं।

समागम के लिए जाने वाली बसों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने आठ पेट्रोल पंप निर्धारित किए हैं। मंगलवार को सुबह 5 बजे से बसें इन पंपों पर लाइन में लगेंगी। इसलिए आम यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे दिनभर इन पंपों से ईंधन लेने से बचें, ताकि भीड़ और देरी से बचा जा सके।

रोडवेज जीएम कुलदीप सिंह का कहना है कि 100 बसें कार्यक्रम के लिए भेजी गई हैं और 78 बसें सामान्य रूटों पर चलाई जाएंगी। जिन रूटों पर सवारियां अधिक होंगी, वहां बस सेवा को प्राथमिकता दी जाएगी। भीड़ के अनुसार फेरों और रूटों को समायोजित किया गया है, ताकि यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो।

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