करनाल। जिला परिषद के सभागार में शुक्रवार को आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक विवादों में घिर गई जब बैठक में सीईओ सोनू भट्ट अनुपस्थित रहे। उनकी गैरहाजिरी से नाराज परिषद सदस्यों ने सीईओ कार्यालय पर ताला लगा दिया और करीब एक घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद सदस्यों ने आरोप लगाया कि सीईओ लगातार विकास कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं और फाइलों को जाने-अनजाने रोका जा रहा है।
जिला परिषद की अध्यक्ष प्रवेश सोहन सिंह राणा ने बताया कि बैठक का उद्देश्य पिछली बैठकों में पास हुए विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था। सीईओ को बैठक में शामिल होने के लिए लिखित रूप से सूचना दी गई थी, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। अध्यक्ष ने कहा कि सीईओ की अनुपस्थिति के कारण विकास कार्यों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई, जबकि इन पर चर्चा अत्यंत आवश्यक थी।
उन्होंने बताया कि मार्च माह की बैठक में पास किए गए विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। तीन महीने पहले पूर्व सीईओ गौरव कुमार का तबादला होने के बाद एडीसी सोनू भट्ट को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था, लेकिन उन्होंने अब तक किसी बैठक में भाग नहीं लिया।
तीन माह से फंसी हैं फाइलें
जिला परिषद सदस्य गुरदीप सिंह ने कहा कि सीईओ के रवैये से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। करोड़ों रुपये के कार्य मंजूर पड़े हैं लेकिन तीन महीने से फाइलें अटकी हुई हैं। समय रहते काम शुरू न हुआ तो फंड वापस लौट सकते हैं और जनता के काम अधूरे रह जाएंगे।
कॉल भी नहीं उठाया: अध्यक्ष
अध्यक्ष राणा ने बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने सीईओ से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की और न ही बाद में कोई जवाब दिया। अध्यक्ष ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो वे मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मिलकर इस लापरवाही की शिकायत करेंगे।