पिहोवा। कैलाश धाम परिसर में जनता की सुविधाओं के लिए बनाया गया सामुदायिक केंद्र आज खुद उपेक्षा का शिकार हो चुका है। जिन उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह भवन तैयार किया गया था, वे अब कहीं नजर नहीं आते। रखरखाव के अभाव में यह केंद्र धीरे-धीरे सामाजिक गतिविधियों की जगह अव्यवस्था और असुरक्षा का प्रतीक बनता जा रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन के भीतर बनी मूलभूत सुविधाएं अब लगभग नष्ट हो चुकी हैं। शौचालयों में लंबे समय से पानी नहीं आ रहा, फिटिंग्स टूट चुकी हैं और सफाई न होने से दुर्गंध फैली रहती है। कई स्थानों पर छत की सीलिंग गिरने की कगार पर है, जिससे यहां आने वाले लोगों को हर वक्त खतरे का अंदेशा बना रहता है।
सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। सामुदायिक केंद्र में न तो किसी कर्मचारी की तैनाती है और न ही निगरानी के लिए कोई चौकीदार। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहां बेखौफ गतिविधियां कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार भवन से पंखे, नल और अन्य सामान गायब हो चुका है। दिन के समय भी यहां नशाखोरी की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे आसपास रहने वाले परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ध्यान दिया होता तो हालात इतने खराब नहीं होते। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तो खड़ा कर दिया गया, लेकिन उसके बाद जिम्मेदारी निभाने में गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब हालत यह है कि जो केंद्र सामाजिक आयोजनों का केंद्र बनना था, वह लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
उल्लेखनीय है कि इस सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन 22 नवंबर 2023 को किया गया था और इसके निर्माण पर करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च हुए थे। इतने बड़े बजट के बावजूद भवन का यूं जर्जर हो जाना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
इस विषय में वार्ड पार्षद जयपाल कौशिक का कहना है कि वे कई बार नगर पालिका को समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं नगर पालिका सचिव अशोक कुमार ने दावा किया है कि जल्द ही मरम्मत, सफाई और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।

