कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाबैन उप तहसील कार्यालय में राज्य स्तर के कार्यक्रम में डिजिटल तहसील सेवाओं का शुभारंभ किया। इसलिए अब किसान और आम नागरिक घर बैठे रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके अलावा, पेपरलेस निशानदेही, व्हाट्सएप चैटबॉट और राजस्व न्यायालय की मॉनिटरिंग प्रणाली भी लागू की गई है।
इस पहल से रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होगी। इसलिए नागरिकों को केवल एक बार तहसील जाना होगा, फोटो खिंचवाने और दस्तखत के लिए। इससे उनके कार्यालयों के चक्कर कम होंगे और समय की बचत होगी।
इसके अलावा, सीमांकन पोर्टल के माध्यम से भूमि की पैमाइश सीधे आवेदन पर की जा सकती है। इसके लिए जीपीएस और रोवर तकनीक का उपयोग होगा। साथ ही, व्हाट्सएप चैटबॉट 24 घंटे और सातों दिन उपलब्ध रहेगा। इसलिए नागरिक इससे राजस्व विभाग की सेवाओं की स्थिति और आवश्यक दस्तावेज तुरंत जान सकते हैं।
राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की डिजिटल मॉनिटरिंग से न्याय में देरी कम होगी। इसके अलावा, केस की स्थिति, तारीख और आदेश ऑनलाइन मिलेंगे। इससे छोटे-मध्यम मामलों में वर्षों की देरी समाप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री भ्रष्टाचार कम करेगी और सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाएगी। इसके अलावा, सीएलयू देने का अधिकार अब निदेशक नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को सौंपा गया है। इसलिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे और 30 दिनों में निपटेंगे।
इस नई पहल से नागरिकों को सुविधाजनक, तेज और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। इसलिए भू-रिकॉर्ड अब डिजिटल होने से किसी भी समय और कहीं से भी जांचा जा सकेगा।

