
Kurukshetra Leads Haryana in Paddy Lifting : कुरुक्षेत्र। धान खरीद सीजन के दौरान अब तक 6.29 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंच चुका है, जिसमें से 5.63 लाख मीट्रिक टन की सरकारी खरीद हुई है।
डीसी विश्राम कुमार मीणा के अनुसार, जिले में 4.05 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है, जो प्रदेश के सभी जिलों में सर्वाधिक है। किसानों को अब तक 885.39 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रशासन ने अगले 48 घंटों में उठान दर 85 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। उठान कार्य में लगातार तेजी लाई जा रही है। जिले में अब तक लगभग 4.05 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है, जोकि प्रदेश में अन्य जिलों में सबसे ज्यादा है। यह जिला की कुल खरीद का लगभग 71.9 प्रतिशत धान का उठान हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी मंडियों से 12.41 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। इसमें से कुरुक्षेत्र में अनाज मंडियों से सबसे ज्यादा 4.05 लाख मीट्रिक टन का उठान शामिल है। इसके अलावा कैथल में सभी अनाज मंडियों से 2.64 लाख मीट्रिक टन, यमुनानगर में सभी अनाज मंडियों से 1.12 लाख मीट्रिक टन, अंबाला में सभी अनाज मंडियों से 1.68 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हुआ है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले में अब तक कुल 4.05 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है, जिसके लिए कुल 15,589 गेट पास जारी किए गए हैं। आज अकेले 585 गेटपास के माध्यम से 15265.35 मीट्रिक टन धान का उठान किया गया है। वर्तमान में लिफ्टिंग रेट 71.9 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मंडियों में पड़े धान के ढेरों को जल्द से जल्द गोदामों में शिफ्ट किया जाए ताकि मंडियों में नई आवक के लिए जगह बनी रहे और किसानों को इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि लक्ष्य अगले 48 घंटों में लिफ्टिंग रेट को 85 प्रतिशत से ऊपर ले जाना है।
उन्होंने कहा कि जिले में अब तक कुल 6.29 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। कुल 74,580 किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में आए हैं। अब तक आए धान में से 5.63 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद हो चुकी है। परचेज रेट 97.3 प्रतिशत है, जो कि बेहतरीन है। कुल 61,206 किसानों से खरीद की गई है। इसी तरह किसानों को अब तक 885.39 करोड़ रुपए का भुगतान सीधा उनके खातों में किया जा चुका है। कुल 45,414 किसानों को भुगतान मिल चुका है। आज अभी तक 350 किसानों को 7.10 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि उठान और भुगतान पर अब विशेष फोकस रखा जाए ताकि किसान को मंडी में किसी प्रकार की असुविधा न हो।