कुरुक्षेत्र। व्यापारी रामबीर शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस को पता चला है कि पूरी वारदात दो लाख रुपये की सुपारी पर हुई थी। रकम का एक लाख रुपये एडवांस में देकर शूटरों को हत्या के लिए तैयार किया गया था। वारदात के बाद पहचान छिपाने के लिए बाइक, कपड़े और मोबाइल तक नष्ट कर दिए गए। पुलिस अब तक छह आरोपियों को पकड़ चुकी है और मुठभेड़ में घायल दो बदमाशों को भी अस्पताल से छुट्टी मिलते ही हिरासत में ले लिया गया।
शूटर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
सीआईए-2 टीम ने बुधवार को मुख्य शूटर नितिन और साहिल को गिरफ्त में लिया। दोनों को 28 नवंबर की मुठभेड़ में गोली लगी थी। इसी दौरान एनआईटी क्षेत्र का अनमोल भी सरेंडर कर चुका है, जो वारदात में बाइक चालक था।
पुरानी रंजिश ही थी पूरी वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह 25 साल पुरानी रंजिश थी। इसी विवाद के चलते विशाल ने सुपारी दिलवाई थी। एएसपी प्रतीक गहलोत ने बताया कि नितिन और साहिल पैसे लेकर वारदातें करने वाले पेशेवर अपराधी हैं। दोनों पर करनाल और कुरुक्षेत्र में पहले भी कई मामले दर्ज हैं और मुठभेड़ से पहले भी वे करनाल में किसी वारदात की फिराक में थे।
अमेरिका में बैठकर कराया सौदा
सीआईए-दो इंचार्ज मोहन लाल के मुताबिक, मुख्य साजिशकर्ता विशाल अमेरिका में रहता है। उसने नितिन को दो लाख रुपये में सौदा दिया और पिता के जरिये एक लाख रुपये एडवांस भेजा। रकम मिलते ही नितिन ने साहिल को दिल्ली से बुलाया और योजना तय की।
रेकी टीम ने तय किया ‘सही समय’
कृष्णा उर्फ गांधी और चेतन नाथ ने कई दिनों तक दुकान के आसपास रेकी की। इशारा मिलने पर 15 नवंबर की शाम नितिन, साहिल और अनमोल बाइक पर आए और दुकान में घुसकर रामबीर को गोली मारकर भाग गए। रामबीर ने पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ा।

