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उस दिन स्कूल नहीं जाना चाहती थी अमायरा… जयपुर स्कूल सुसाइड केस में सामने आया बड़ा अपडेट

हरियाणा डेस्क: जयपुर के मशहूर नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ने वाली 9 साल की बच्ची अमायरा मीणा ने स्कूल की चौथी मंज़िल से कूदकर जान दे दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अमायरा के माता-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को स्कूल में लगातार परेशान किया जा रहा था, लेकिन स्कूल प्रशासन ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।

अमायरा की मां शिवानी मीणा ने बताया कि उन्होंने कई बार स्कूल के क्लास टीचर और मैनेजर से बात की, लेकिन हर बार उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। मैंने अपनी बेटी की परेशानी समझने के लिए उसका एक ऑडियो रिकॉर्ड किया और उसे उसकी क्लास टीचर को भेजा। मुझे उम्मीद थी कि स्कूल मेरी बेटी की बात समझेगा, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। अगर किया होता तो आज बेटी जिंदा होती। व्हाट्सएप रिकॉर्डिंग में अमायरा बार-बार कह रही है कि मैं स्कूल नहीं जाना चाहती… मुझे मत भेजो।

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अमायरा के पिता विजय मीणा ने बताया कि एक बार पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) के दौरान भी उन्होंने यह मामला उठाया था। मीटिंग के दौरान कुछ बच्चे अमायरा और एक लड़के की ओर इशारा करके हंस रहे थे। इस पर अमायरा शर्म से अपने पिता के पीछे छिप गई, जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो शिक्षक ने कहा कि यह एक को-एजुकेशन स्कूल है और अमायरा को लड़कों से भी बात करना सीखना चाहिए। विजय ने जवाब दिया कि अगर मेरी बेटी लड़कों से बात नहीं करना चाहती, तो यह उसकी अपनी मर्ज़ी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि कक्षा के सीसीटीवी फुटेज में अमायरा को छलांग लगाने से कुछ समय पहले दो बार अपनी शिक्षिका के पास जाते हुए देखा गया। हालांकि, उसने क्या कहा, यह पता नहीं चल पाया है, क्योंकि सीसीटीवी में सिर्फ वीडियो रिकॉर्डिंग है, ऑडियो नहीं। CBSE के नियमों के मुताबिक कक्षा की निगरानी में ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जरूरी होती है, लेकिन यहां सिर्फ वीडियो ही रिकॉर्ड किया गया था।

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परिवार की मांग

अमायरा के माता-पिता ने अब मांग की है कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी घटना दोबारा किसी और बच्चे के साथ न हो। परिवार का कहना है कि अगर स्कूल ने समय रहते बच्ची की शिकायतों पर ध्यान दिया होता, तो यह हादसा नहीं होता।

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