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मनोहर लाल ने BBMB के भिवानी एवं हिसार उपकेंद्रों पर 11.5 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं का किया उद्घाटन

Manohar Lal

Manohar Lal

भिवानी/हिसार: भारत के नवीकरणीय ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) के भिवानी एवं हिसार उपकेंद्रों पर 11.5 मेगावाट ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया। इस समारोह में बीबीएमबी के अध्यक्ष ई. मनोज त्रिपाठी, सदस्य (सिंचाई) ई. बी. एस नारा, मुख्य अभियंता/प्रणाली परिचालन ई.हरप्रीत सिंह मनोचा, मुख्य अभियंता/पारेषण प्रणाली ई. सुरजीत सिंह तथा वीरेंद्र कुल्हारीया, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी एवं बीबीएमबी के अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड, भारत सरकार के अधीन लंबे समय से साझेदार राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के लिए विश्वसनीय जलविद्युत ऊर्जा एवं जल वितरण का आधार स्तंभ रहा है, जो सिंचाई एवं किफायती ऊर्जा के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करता है। नवीकरणीय क्रांति को अपनाते हुए बीबीएमबी ने अब इन परियोजनाओं के साथ साथ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी परियोजना लाकर अपनी राह रोशन की है जो कि उपकेंद्रों की खाली भूमि पर 53.50 करोड़ रुपये (4.61 करोड़ रुपये/मेगावाट) की लागत से विकसित की गई हैं।

भिवानी में 10 मेगावाट (132 केवी पर निकासी) एवं हिसार में 1.5 मेगावाट (33 केवी पर निकासी) की इन परियोजनाओं में 25,648 उच्च क्षमता वाले 550 वाट पीक फोटोवोल्टेइक मॉड्यूल (19% दक्षता) एवं उन्नत इन्वर्टर लगाए गए हैं जो लगभग 21% की क्षमता उपयोग कारक (सीयूएफ) के साथ प्रतिवर्ष करीब 21 मिलियन यूनिट स्वच्छ विद्युत उत्पन्न करेंगे।

मौजूदा हिस्सेदारी के अनुसार साझेदार राज्यों को इस परियोजना की विद्युत ऊर्जा वितरित की जाएगी, जो उनकी नवीकरणीय खरीद दायित्व (आरपीओ) को मजबूत करेगी तथा प्रतिवर्ष लगभग 15,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में भी कटौती करेगी। यह न केवल ग्रिड को नवीकरणीय ऊर्जा प्रदान करेगा बल्कि भारत के 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगा।

बीबीएमबी अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने कहा कि ये परियोजनाएं बीबीएमबी की स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं, जो खाली भूमि को पीढ़ियों के लिए हरित ऊर्जा का स्रोत बनाएगी।

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