Mock Drill in Haryana: हरियाणा डेस्क: सरकार अब आपदा प्रबंधन को लेकर और अधिक सतर्क हो गई है। पहले जहां केवल 11 जिलों में मॉकड्रिल की योजना थी, अब इसे पूरे राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के निर्देश पर यह मॉकड्रिल सभी 22 जिलों में एक साथ की जाएगी, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।
-कब और कैसे होगी यह मॉकड्रिल?
राज्य सरकार ने तारीख तय कर दी है और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में लोकेशन और परिदृश्य निर्धारित कर इसकी पूरी योजना तैयार करें। कुछ जिलों में स्कूल, बाजार, अस्पताल और औद्योगिक क्षेत्रों में अलग-अलग परिदृश्यों के तहत अभ्यास कराया जाएगा।
-जनता से क्या अपेक्षा है?
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और इस अभ्यास में सहयोग करें। यह अभ्यास पूरी तरह योजनाबद्ध और नियंत्रित होगा, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि को कम से कम किया जा सके।
-सरकार का रुख
हरियाणा के गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा,”हमें भविष्य की अनिश्चितताओं से लड़ने के लिए पहले से तैयार रहना होगा। यह मॉकड्रिल सिर्फ एक अभ्यास नहीं बल्कि हमारी ज़िम्मेदारी है। राज्य की जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की। यह मॉकड्रिल न सिर्फ सरकारी तंत्र की तैयारियों की जांच करेगी, बल्कि लोगों को भी जागरूक करेगी कि किसी आपदा की स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए और कैसे सुरक्षित रहना है।
-क्या है मॉकड्रिल का उद्देश्य?
इस मॉकड्रिल का मकसद प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, आगजनी, या औद्योगिक हादसों के दौरान राहत और बचाव कार्यों को समय पर और प्रभावी ढंग से अंजाम देना है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि ज़िला प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों के बीच तालमेल कितना बेहतर है।
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