चंडीगढ़: हरियाणा में आधिकारिक तौर पर मानसून ने विदाई ले ली है। बीते करीब चार महीनों तक सक्रिय रहने वाले मानसून ने इस बार प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश दी, लेकिन अब इसके लौटते ही प्रदेश में तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में भीषण गर्मी और उमस बढ़ने की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष हरियाणा में मानसून करीब 112 दिनों तक सक्रिय रहा और इस दौरान 568.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा सामान्य (409.7 मिमी) से लगभग 39% अधिक है। यानी इस बार मानसून ने हरियाणा में औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।
अब मौसम रहेगा साफ, बढ़ेगा तापमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) चंडीगढ़ के मुताबिक, 20 से 22 सितंबर तक हरियाणा के किसी भी जिले में बारिश की संभावना नहीं है। सभी जिलों में आसमान साफ रहेगा और धूप तीखी होगी। इससे दिन के तापमान में तेज़ी से वृद्धि होगी और गर्मी का असर एक बार फिर प्रदेश को झुलसाएगा।
शुक्रवार को हिसार हरियाणा का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पलवल में तापमान 37 डिग्री और हथिनीकुंड (यमुनानगर) में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शनिवार की सुबह हरियाणा में न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास रहा।
बदलते मौसम से स्वास्थ्य पर असर, बढ़े वायरल के मामले
दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर के चलते लोगों की सेहत पर भी असर पड़ने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और गले में खराश जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को बदलते मौसम में सतर्क रहने और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की सलाह दी है।
सबसे ज्यादा और सबसे कम बारिश वाले जिले
इस सीजन में यमुनानगर सबसे ज्यादा बारिश पाने वाला जिला रहा, जहां 1116.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके विपरीत, सबसे कम बारिश सिरसा में हुई, जहां सिर्फ 346.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
पिछले दिनों की बारिश: पंचकूला और कैथल में रहा असर
हालांकि शुक्रवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हलचल देखी गई पंचकूला में तेज़ बारिश हुई जबकि कैथल में घने काले बादलों ने आसमान को ढक लिया था, लेकिन अब मौसम वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आगामी दिनों में किसी भी जिले में वर्षा की संभावना नहीं है।

