चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पारदर्शिता और योग्यता आधारित भर्ती के एक उल्लेखनीय मॉडल के तहत कहा कि पिछले 10 वर्षों में 1,75,000 से अधिक युवाओं ने योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल की हैं।
इस बदलाव ने सरकारी कार्यों में पारदर्शिता के एक नए युग की शुरुआत की है। इसके अलावा, लगभग 1,20,000 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं उनकी सेवानिवृत्ति तक सुरक्षित कर दी गई हैं। राज्यपाल ने ये बातें आज यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण के दौरान कहीं।
पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से अपने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा विभाग में अतिथि संकाय और अतिथि प्रशिक्षकों के साथ-साथ कॉलेजों में एक्सटेंशन लेक्चरर और अतिथि प्रोफेसरों को भी सेवा सुरक्षा प्रदान की है।
भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा कदम ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्तियों के लिए साक्षात्कार को समाप्त करना रहा है, जो 13 दिसंबर, 2018 से प्रभावी है।
यह कदम पक्षपात को खत्म करने और भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए बनाया गया है, जिससे राज्य के हर युवा को योग्यता के आधार पर समान अवसर मिल सके।
राज्यपाल ने ‘हरहित’ परियोजना की सफलता पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत हरियाणा के 1,600 आवेदकों के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। वर्तमान में, राज्य भर में 1,200 ‘हरहित’ स्टोर चालू हैं, जो युवाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करते हैं, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि और युवा सशक्तिकरण में योगदान मिलता है।
ये भी पढ़ें- शादी के बाद पहले बर्थडे पर रश्मिका को मिला करोड़ों का खास तोहफा

