करनाल। कर्णनगरी से सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। यहां के सिविल अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा के बीच इलाज करा रहा अपराधी गुरजीत सिंह नाटकीय ढंग से फरार हो गया।
बेडशीट से खुद को ढक लिया था
वह खरड़, पंजाब का रहने वाला है। हैरानी की बात यह है कि पैर में गोली लगी होने के बावजूद अपराधी ने चार पुलिसकर्मियों की आंखों में धूल झोंक दी और आधी रात को भाग गया। मिली जानकारी के अनुसार घटना 28-29 मई की मध्यरात्रि की है। आरोपी गुरजीत सिंह ने अस्पताल से निकलने के लिए फिल्मी तरीका अपनाया। उसने खुद को एक सफेद बेडशीट से पूरी तरह ढक लिया, जिससे कि सीसीटीवी या राहगीरों को उस पर शक न हो।
मौके पर तैनात थे चार पुलिस जवान
अस्पताल के वार्ड में उसकी निगरानी के लिए 4 पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी, लेकिन उनकी मौजूदगी के बावजूद अपराधी रफूचक्कर होने में सफल रहा। बता दें कि करनाल पुलिस ने चार दिन पहले ही एक मुठभेड़ के दौरान गुरजीत को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में आत्मरक्षा में चलाई गई पुलिस की गोली अपराधी की टांग में लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस की योजना इलाज के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार दिखाकर कोर्ट से रिमांड पर लेने की थी, लेकिन इससे पहले ही उसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
ये है उसका आपराधिक रिकॉर्ड
गुरजीत सिंह कोई साधारण अपराधी नहीं है। वह हरियाणा सहित देश के 4 अलग-अलग राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसने 23 दिन पहले तरावड़ी स्थित एक पेट्रोल पंप पर अंधाधुंध फायरिंग और लूट के प्रयास के मामले में पुलिस को उसकी तलाश थी। वह हरियाणा के करनाल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और पलवल जिलों में पेट्रोल पंप लूट की 5 बड़ी वारदातों में मुख्य आरोपी था।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अस्पताल के पीएमओ बलवान सिंह ने पुष्टि की है कि शुक्रवार तड़के 4 बजे डीएसपी राजीव का फोन आया था, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी गई है। अपराधी की गिरफ्तारी के लिए जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है और स्पेशल टीमें गठित की गई हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही की भी जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन वर्तमान में पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधी के भागने के रूट का पता लगा रही है, लेकिन अस्पताल के बिस्तर से एक घायल बदमाश का फरार होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि इस मामले पर अभी तक पुलिस का बयान सामने नहीं आया।
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