
Murari Bapu Welcomed by Swami Gyananand : कुरुक्षेत्र। रामायण स्वस्तिक यात्रा के अंतर्गत कुरुक्षेत्र पहुंचे परमपूज्य मुरारी बापू जी का गीता ज्ञान संस्थानम् में गीतामनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने आत्मीय स्वागत किया।
श्री कृष्ण कृपा समिति के सैकड़ों सेवकों ने रेलवे स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों और पुष्पगुच्छों के साथ उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर गुरुकुल के विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया और दोनों संतों ने श्री श्री कृपा बिहारी जी के दर्शन किए। संतों के इस आध्यात्मिक मिलन से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कन्याकुमारी से कश्मीर तथा द्वारका से जगन्नाथ धाम तक निकली इस रामायण स्वस्तिक यात्रा का कुरुक्षेत्र में पड़ाव हुआ। इस दौरान परमपूज्य मुरारी बापू जी की श्रीराम कथा के लिए कुरुक्षेत्र स्थित ब्रह्मसरोवर के निकट कार्यक्रम निर्धारित था।
दोनों संतों का यह आध्यात्मिक मिलन श्रद्धालुओं के लिए विशेष श्रद्धा एवं आनंद का अवसर बना। परमपूज्य मुरारी बापू जी के कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पहुंचने पर श्री कृष्ण कृपा समिति, कुरुक्षेत्र के सैकड़ों सेवकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। सेवकों में पूज्य बापू जी के आगमन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। रेलवे स्टेशन से कथा स्थल के लिए प्रस्थान करने से पूर्व परमपूज्य मुरारी बापू जी गीता ज्ञान संस्थानम् पहुंचे। यहां परमपूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस पावन अवसर पर गुरुकुल के विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया, जिससे संस्थानम् का वातावरण आध्यात्मिक एवं भक्तिमय हो उठा।
इसके पश्चात् परमपूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के सान्निध्य में परमपूज्य मुरारी बापू जी ने श्री श्री कृपा बिहारी जी के दर्शन किए। यह अवसर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं सेवकों के लिए अत्यंत भावपूर्ण रहा। रामायण स्वस्तिक यात्रा का कुरुक्षेत्र में यह पड़ाव भारतीय सनातन संस्कृति, रामकथा की महिमा और आध्यात्मिक चेतना के संदेश को आगे बढ़ाने वाला रहा। श्री कृष्ण कृपा समिति के सेवकों ने इस अवसर पर अपनी सेवाएँ समर्पित करते हुए परमपूज्य संतों के स्वागत को अपना सौभाग्य माना।