नीलोखेड़ी। एनएच-44 पर गुरुवार सुबह घना कोहरा छाते ही नीलोखेड़ी के पास अचानक ब्रेक लगने से हादसों की श्रृंखला शुरू हो गई। सबसे पहले रिफाइंड ऑयल से भरे एक टैंकर और झज्जर डिपो की बस में जोरदार टक्कर हुई। इसके तुरंत बाद पीछे चल रहे कैंटर और पांच अन्य वाहन भी आपस में भिड़ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि बस चालक हरिंद्र, परिचालक सतीश और करीब 10 यात्री घायल हो गए। घायलों में आईटीआई के छात्र भी शामिल हैं।
हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही बुटाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर ट्रैफिक बहाल कराया। सभी घायलों को नीलोखेड़ी सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद यात्रियों को छुट्टी दे दी गई, जबकि चालक और परिचालक को गंभीर हालत में करनाल रेफर किया गया।
इसी बीच नीलोखेड़ी में ही घने कोहरे के कारण कुरुक्षेत्र डिपो की बस डिवाइडर पर चढ़ गई। बस को काफी नुकसान हुआ, लेकिन 35 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। बस कुरुक्षेत्र से रोहतक जा रही थी और सुबह करीब साढ़े सात बजे हादसा हुआ।

