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नूंह हिंसा : पुलिस नाबालिगों की संलिप्तता की जांच करेगी

August 4, 2023

नूंह हिंसा : पुलिस नाबालिगों की संलिप्तता की जांच करेगी

गुरुग्राम: पुलिस ने गुरुवार को कहा कि वे इस सप्ताह की शुरुआत में हरियाणा के नूंह और हरियाणा जिलों में हुई हिंसा में नाबालिगों की भूमिका की जांच करेंगे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक कुल 45 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि नूंह में 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, गुरुग्राम पुलिस ने भी 25 मामले दर्ज किए हैं और हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए 33 लोगों को गिरफ्तार किया है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भी कथित तौर पर नूंह झड़पों में पथराव और अन्य अवैध गतिविधियों में बच्चों के कथित इस्तेमाल की जांच की मांग की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि झड़प में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए नूंह में तलाशी अभियान जारी है।

उन्होंने नाम न जाहिर करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘पुलिस सभी संभावित कोणों से मामले की जांच कर रही है। इस अवैध विरोध प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए बच्चों की पहचान की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के सामने पेश किया जाएगा।‘ बताया जा रहा है कि एनसीपीसीआर ने नूंह में विश्व हिंदू परिषद के जुलूस पर हमले के दौरान पथराव और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में नाबालिगों की संलिप्तता पर चिंता व्यक्त की। एनसीपीसीआर ने अधिकारियों से घटनाओं की गहन जांच करने का भी आग्रह कियाहिंसा में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है।

विनिर्माण में वृद्धि दिख रही, खाद्य मुद्रास्फीति से निपटने के लिए सतर्क रुख अपनाने की जरूरत नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। गुरुवार को जारी वित्त मंत्रलय के एक दस्तावेज में कहा गया है कि जून तिमाही में घरेलू विनिर्माण उत्पादन में सुधार को इनपुट कीमतों में गिरावट और मजबूत आंतरिक मांग से मदद मिली। मंत्रलय ने आगाह किया कि खाद्य मुद्रास्फीति में हालिया वृद्धि से संकेत मिलता है कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को सतर्क रुख अपनाना चाहिए।

वित्त मंत्रलय की गुरुवार को जारी मासिक आर्थकि समीक्षा में कहा गया है, ‘मौसम संबंधी व्यवधानों के कारण फलों, सब्जियों और दालों और उत्पादों की कीमतों में वृद्धि से सीपीआई-खाद्य मुद्रास्फीति मई में 3 प्रतिशत से बढ़कर जून में 4.5 प्रतिशत हो गई, जो आरबीआई और सरकार द्वारा सतर्क दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित करती है।‘‘

सकारात्मक पक्ष पर दस्तावेज़ में कहा गया है कि विकास के मामले में, देश की घरेलू बुनियाद मजबूत बनी हुई है और राजकोषीय प्रदर्शन में सुधार के साथ-साथ विनिर्माण और सेवाओं में निरंतर विस्तार, सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों द्वारा जोरदार पूंजीगत व्यय के साथ मिलकर अच्छे समर्थन का संकेत मिलता है। हालांकि, भारत को प्रतिकूल विकास के प्रति सचेत रहने की जरूरत है, जो विकास पथ में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

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