
Padma Shri Farmer Sultan Singh Creates Fish-Based Snack : करनाल। बुटाना गांव के पद्मश्री सम्मानित प्रगतिशील किसान सुल्तान सिंह ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में नया प्रयोग करते हुए मछली से नमकीन तैयार की है।
‘फिश बाइट’ ब्रांड के तहत विकसित इस उत्पाद में करीब 90 प्रतिशत मछली का इस्तेमाल किया गया है। इसे सामान्य तापमान पर सुरक्षित रखने योग्य बनाया गया है। इस पहल का उद्देश्य मत्स्य उत्पादों का मूल्यवर्धन, किसानों की आमदनी बढ़ाना और लोगों को प्रोटीनयुक्त स्नैक्स का विकल्प उपलब्ध कराना है।
उन्होंने अपने ‘सुल्तान फिश सीड फार्म’ और ‘फिश बाइट’ ब्रांड के माध्यम से मछली से नमकीन तैयार की है। इस नवाचार का उद्देश्य मत्स्य उत्पादों का मूल्यवर्धन करने के साथ-साथ लोगों को प्रोटीन से भरपूर खाद्य विकल्प उपलब्ध कराना है। सुल्तान सिंह के बेटे नीरज चौधरी के अनुसार, ‘फिश बाइट’ ब्रांड के तहत पहले से ही मछली से जुड़े 15 से 18 तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर की जरूरत होती है। ग्राहकों की मांग को देखते हुए लंबे शोध और प्रयोगों के बाद सामान्य तापमान पर रखे जा सकने वाले फिश नमकीन उत्पाद को विकसित किया गया है।
नीरज चौधरी ने बताया कि फिश नमकीन में करीब 90 प्रतिशत मछली और 10 प्रतिशत अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। तिलापिया मछली से तैयार इस उत्पाद में प्रोटीन सहित कई पोषक तत्व मौजूद हैं। इसे पारंपरिक नमकीन और दूसरे स्नैक्स के विकल्प के रूप में बाजार में उतारा गया है। उत्पाद को सामान्य तापमान पर सुरक्षित रखने की सुविधा इसे अन्य फ्रोजन फिश उत्पादों से अलग बनाती है। पद्मश्री सुल्तान सिंह का मानना है कि किसानों को केवल फसल उत्पादन या कच्चे कृषि उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि किसान अपने उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान दें, तो उनकी आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं।
फिश नमकीन इसी सोच का उदाहरण है, जिसमें मछली को सीधे बेचने के बजाय उससे तैयार खाद्य उत्पाद बनाकर बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। इस उत्पाद की मांग एनसीआर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ने का दावा किया जा रहा है। बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए नए आउटलेट खोलने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। फिश नमकीन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रुचि सामने आने की बात कही गई है। हाल ही में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में विदेशी विशेषज्ञों ने इस नवाचार की सराहना की।
भविष्य में उत्पाद को विदेशों में निर्यात करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, सुल्तान सिंह ने अपने फार्म पर एग्रो टूरिज्म की अवधारणा को भी बढ़ावा दिया है। यहां आने वाले पर्यटक मत्स्य पालन, मछली उत्पादन और उससे जुड़े प्रसंस्करण कार्यों को करीब से देख सकते हैं। इससे कृषि एवं मत्स्य पालन को पर्यटन से जोड़ने के साथ-साथ लोगों को नई तकनीकों की जानकारी देने का अवसर मिल रहा है।