पानीपत। जिले की अनाज मंडियों में धान लेकर पहुंचे किसानों की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी अधिकारी धान में नमी बताकर खरीद नहीं कर रहे, जिसके चलते वे कई दिनों से मंडी में ही डेरा डालकर अपनी फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं।
जिले की मंडियों में अब तक 5,08,965 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई है, जबकि केवल 4,67,895 मीट्रिक टन की ही खरीद हो पाई है। वहीं 72,456 मीट्रिक टन धान का उठान रुका हुआ है, जिसके कारण मंडी परिसर में जगह-जगह धान के ढेर जमा हो गए हैं। किसानों को अब तक 105.8 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
किसान जगदीश, कृष्ण और वेदप्रकाश का कहना है कि वे पिछले सात दिनों से मंडी में धान लेकर बैठे हैं, लेकिन अब तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। अधिकारियों ने पहले दिन जांच के दौरान धान में नमी अधिक बताते हुए खरीद रोक दी और धान को फैलाकर सुखाने की हिदायत दी। किसानों ने मंडी प्रशासन से तुरंत खरीद शुरू करने की अपील की है।
इस बीच, मार्केट कमेटी पानीपत की सचिव आशा कुमारी ने दावा किया कि मंडियों में धान खरीद का कार्य सुचारू रूप से जारी है और किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खरीद और भुगतान की प्रक्रिया नियमित रूप से चल रही है।

