करनाल। सरकार की पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। प्रॉपर्टी आईडी दर्ज करने के बाद भी पोर्टल गलत लोकेशन दिखा रहा है। सेक्टर और प्राइवेट टाउनशिप की रजिस्ट्री सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दस्तावेज अपलोड करने के बावजूद लोगों को टोकन नहीं मिल पा रहा।
नए पोर्टल में तकनीकी खामियां इतनी हैं कि यह शहर की लोकेशन को सही पहचान नहीं पा रहा। एक कॉलोनी की आईडी डालने पर चार कॉलोनी दूर की लोकेशन सामने आ जाती है। इस गड़बड़ी से कॉलोनी और क्षेत्र का नाम मेल नहीं खाता, जिससे टोकन प्रक्रिया रुक जाती है। पुरानी रजिस्ट्री में भी वारिसों की रिपोर्ट में दिक्कतें हैं। हालांकि 12 दिन बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां रोज एक-दो रजिस्ट्री होती थीं, अब नौ रजिस्ट्री हो गई हैं।
तहसील कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि पोर्टल जल्द स्थिर होगा। निदेशालय स्तर पर इसे अपडेट करने का काम जारी है। अब तक करीब 42 रजिस्ट्री हो चुकी हैं। पुरानी व्यवस्था में रोज 250 रजिस्ट्री होती थीं, जबकि अब महज एक प्रतिशत ही हो रही हैं। इस अव्यवस्था से सरकार को करीब 30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है—
प्रक्रिया में देरी पर फाइल रिजेक्ट हो रही है।
स्लॉट बुकिंग में देर होने पर आवेदन अटक रहे हैं।
अधूरे दस्तावेज मिलने से फाइलें वापस हो रही हैं।
आधार कार्ड और प्रॉपर्टी आईडी का मिलान नहीं हो रहा।
नायब तहसीलदार राजेश खुराना ने कहा कि पोर्टल में सुधार जारी है। करनाल तहसील में बुधवार को नौ रजिस्ट्री पूरी हुई हैं। जल्द सभी तकनीकी दिक्कतें दूर होंगी।

