Police station surrounded, two released later : अंबाला। ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर हुए विवाद के बाद रविवार को सिख संगत ने पंजोखरा थाने का घेराव कर रोष जताया। कलरेहड़ी गांव के दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने से संगत भड़क गई और दोनों को तुरंत रिहा करने तथा थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग पर करीब साढ़े चार घंटे तक थाने के बाहर डटी रही। पुलिस की ओर से जांच में मारपीट के पुख्ता साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए दोनों को नियमानुसार रिहा किए जाने के बाद घेराव समाप्त हुआ।
पंजोखरा थाने का घेराव, हिरासत पर भड़की संगत
बता दें कि रविवार तड़के इसी मामले की जांच के दौरान कलरेहड़ी गांव के दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने पर सिख संगत भड़क गई और उन्होंने पंजोखरा थाने का घेराव कर दिया। इससे पहले गुरुद्वारा साहिब में बैठे हुई जिसमें पूरी घटना पर रोष जताया गया। बैठे में एचएसजीपीसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा, रुपिंद्र सिंह, गुरतेज सिंह, टीपी सिंह, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य सिख पदाधिकारी मौजूद रहे। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ घेराव दोपहर करीब ढाई बजे तक चला। संगत की मांग थी कि दोनों व्यक्तियों को तुरंत छोड़ा जाए और थाना प्रभारी को निलंबित किया जाए। क्योंकि थाना प्रभारी ने सुरक्षा में लापरवाही बरती। यदि मंड आ रहा था तो सुरक्षा बढ़ानी चाहिए।
दोपहर करीब सवा दो बजे पुलिस ने जांच के दौरान दोनों के खिलाफ मारपीट के पुख्ता साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए उन्हें नियमानुसार रिहा कर दिया। इसके बाद संगत ने ढाई बजे घेराव समाप्त किया। बातचीत के दौरान पुलिस ने थाने में मौजूद सिख संगत व नेताओं को पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की वीडियो भी दिखाई। जब तक दोनों व्यक्तियों को रिहा नहीं किया गया, संगत थाने के बाहर डटी रही।

