Site icon Dainik Savera Times

समाजसेवा के 21 वर्षों के योगदान पर रमेश राव पायलट को मानद डॉक्टरेट

Ramesh Rao Pilot Honoured with Honorary Doctorate : महेंद्रगढ़। समाजसेवा, जनहित और सामाजिक अधिकारों के लिए पिछले 21 वर्षों से सक्रिय रमेश राव पायलट को अमेरिका की वाशिंगटन डिजिटल यूनिवर्सिटी की ओर से मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। 10 अक्टूबर को नोएडा में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान मिला। रमेश राव पायलट पत्रकारिता, लेखन और कानूनी पैरवी के साथ अहीर रेजिमेंट की मांग, ओबीसी अधिकारों तथा रेजांगला के शहीदों के सम्मान से जुड़े अभियानों में सक्रिय रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, समारोह में सात देशों के 50 से अधिक विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

 रमेश राव पायलट बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं। वे सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों के साथ पत्रकारिता, लेखन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उनके परिचय के अनुसार, वे कमर्शियल पायलट, इंजीनियर, अधिवक्ता, लेखक, पत्रकार, संपादक और वक्ता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वे कानून विषय में पीएचडी के शोधार्थी हैं तथा अनेक पुस्तकों के लेखक भी हैं। रमेश राव पायलट ने वर्ष 2005 में हरियाणा लाइव साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक संपादक के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनका कहना है कि समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य रहा है।

रमेश राव पायलट वर्ष 2007 में भारत-चीन सीमा क्षेत्र में रेजांगला के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे पहले नागरिक जत्थे के सदस्य रहे। उन्होंने शहीदों की पावन माटी का कलश लाकर इंडिया गेट से रेजांगला शहादत शौर्य यात्रा में भाग लिया। इस यात्रा के माध्यम से शहीदों के गांवों तक पहुंचकर उनके बलिदान और वीरता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। वर्ष 2022 में भी उन्होंने रेजांगला से शहादत की माटी लाने और बिहार से शुरू होकर देश के विभिन्न हिस्सों तक रेजांगला यात्रा के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रमेश राव पायलट वर्तमान में हरियाणा यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे पिछले 21 वर्षों से अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने लंबे समय तक आवाज उठाई है। वर्ष 2016 में हरियाणा में हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और आगजनी से संबंधित मामलों में न्यायमूर्ति झा आयोग के समक्ष उन्होंने अधिवक्ता एवं शिकायतकर्ता के रूप में भूमिका निभाई। इस मामले में उन्होंने घटनाओं की जांच और संबंधित मुद्दों को सामने लाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

रमेश राव पायलट विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कानूनी स्तर पर भी सक्रिय हैं। वे जनहित से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में पैरवी करते रहे हैं। सामाजिक अधिकारों, पिछड़े वर्गों के हितों और शहीदों के सम्मान से जुड़े विषयों पर उनकी सक्रियता उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। 21 वर्षों के सामाजिक कार्यों के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किए जाने को उनके समर्थक और सहयोगी उनकी सामाजिक सक्रियता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं।

Exit mobile version