
International MSME Day: पानीपत: अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पानीपत में एमएसएमई उद्यमियों के लिए एक प्रेरणादायक और सूचनात्मक टाउन हॉल मीटिंग का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाना था, बल्कि उन्हें मौजूदा सरकारी और बैंकिंग योजनाओं की जानकारी देकर उनकी कारोबारी संभावनाओं को विस्तार देना भी था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आरबीआई के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री विवेक श्रीवास्तव ने की। उन्होंने टाउन हॉल को संबोधित करते हुए कहा, “एमएसएमई देश की आर्थिक संरचना की रीढ़ हैं। आरबीआई निरंतर प्रयासरत है कि प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, क्रेडिट गारंटी योजना (सीजीटीएमएसई), और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे उपकरणों के माध्यम से उद्यमियों को समय पर और बिना संपार्श्विक के ऋण उपलब्ध हो।” इस आयोजन में एसबीआई, एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, सिडबी, डीआईसी और अन्य प्रमुख वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। साथ ही, उद्यमिता विकास में अग्रणी स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को और समृद्ध किया।
उद्यमियों के लिए सीधा संवाद और समाधान
कार्यक्रम में “स्टैंड-अप इंडिया”, “मुद्रा योजना”, “पीएमईजीपी”, “पीएम विश्वकर्मा” जैसी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पंजाब और सिंध बैंक के महाप्रबंधक श्री संजय प्रकाश श्रीवास्तव ने ऋण लेने की प्रक्रिया पर ‘हैंड-होल्डिंग’ सत्र का संचालन किया, जिसमें पहली बार ऋण लेने वाले और महिला उद्यमियों को विशेष मार्गदर्शन दिया गया। बैंक प्रतिनिधियों ने सीधे संवाद करते हुए उद्यमियों के सवालों के उत्तर दिए जैसे कार्यशील पूंजी की उपलब्धता, समय पर भुगतान, ऋण पुनर्गठन और सरकारी योजनाओं की पात्रता आदि।

-प्रदर्शन स्टॉल और क्लस्टर विज़िट बनी विशेष झलक
उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों ने पानीपत की विविध उद्यमिता संस्कृति को दर्शाया, जहां हस्तनिर्मित वस्त्र, घरेलू उत्पाद और स्थानीय नवाचारों को सामने रखा गया। बैंकों ने भी अपने काउंटर लगाकर योजनाओं की जानकारी दी और ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को सरल बनाया।
कार्यक्रम की एक अन्य विशेष उपलब्धि रही श्री विवेक श्रीवास्तव का पानीपत के एमएसएमई हैंडलूम क्लस्टर का दौरा। वहां उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से मुलाकात कर उनकी वास्तविक समस्याओं और उनके समाधान की दिशा में चर्चा की। उद्यमियों ने बताया कि कैसे मुद्रा योजना और ट्रेड्स जैसे प्लेटफॉर्म ने उन्हें समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाई, जिससे उनके व्यवसाय में स्थिरता और स्थानीय रोजगार में वृद्धि हुई।
-नए आत्मविश्वास के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
इस टाउन हॉल का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया जब कई उद्यमियों ने मंच से अपनी सफल कहानियों को साझा किया। इन अनुभवों ने न सिर्फ उपस्थित दर्शकों को प्रेरित किया बल्कि यह भी दर्शाया कि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर एमएसएमई किस तरह परिवर्तन का वाहक बन सकते हैं। आरबीआई द्वारा यह आयोजन न केवल नीति निर्माताओं और बैंकों को जमीनी हकीकत से जोड़ने का माध्यम बना, बल्कि इससे क्षेत्रीय उद्यमियों को भरोसा भी मिला कि वे इस आर्थिक ताने-बाने में अकेले नहीं हैं।