हरियाणा डेस्क: रेवाड़ी में ट्रांसपोर्टर से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने आज चारों आरोपियों की पहचान परेड कराई। यह परेड शहर के बीचोंबीच आयोजित की गई, जिससे माहौल में गहमागहमी देखने को मिली। जैसे ही पुलिस टीम आरोपियों को लेकर सड़क पर निकली, मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। आम नागरिकों ने मोबाइल कैमरों से वीडियो बनाए और “रेवाड़ी पुलिस जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई की प्रशंसा की।
घटना की पूरी कहानी
घटना 26 अक्तूबर की रात की है, जब करीब नौ बजे स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार चार बदमाश रेवाड़ी के पोसवाल चौक स्थित एक ट्रांसपोर्टर के दफ्तर में जा घुसे। आरोपियों ने अंदर घुसते ही पिस्टल तान दी और धमकाते हुए कहा कि या तो ट्रांसपोर्ट ठेके में उन्हें हिस्सा दिया जाए, या फिर एक करोड़ रुपये की रंगदारी दी जाए। बदमाशों ने धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो जान से मार दिया जाएगा। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वारदात की सूचना मिलते ही रेवाड़ी पुलिस ने रात को ही जांच शुरू कर दी। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि, जो गांव मुंडनवास का रहने वाला है, समेत तीन अन्य को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। चौथे आरोपी को भी ताबड़तोड़ छापेमारी कर हिरासत में ले लिया गया।
शहर में हुई पहचान परेड
बता दें कि, आज दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने चारों आरोपियों को लेकर शहर के प्रमुख स्थानों पर पहचान परेड निकाली। यह परेड अंबेडकर चौक से शुरू होकर माता चौक होते हुए पोसवाल चौक तक पहुंची, जहां यह पूरी घटना हुई थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल तैनात रहा।
इस पूरी कार्रवाई की निगरानी डीएसपी क्राइम सुरेंद्र श्योरान ने स्वयं की। पहचान परेड के दौरान लोगों ने अपराधियों को देखकर पुलिस की सख्त कार्रवाई की सराहना की।
जनता के विश्वास को मिली मजबूती
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी पहचान परेड ने न केवल शहर में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से जनता का पुलिस पर भरोसा और बढ़ा है।

