Site icon Dainik Savera Times

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से गंदगी में तब्दील शहर

Sanitation workers’ strike : महेंद्रगढ़। नगर पालिका महेंद्रगढ़ के सफाई कर्मचारियों की पिछले करीब 20 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। त्योहारी सीजन के बावजूद शहर में सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से मुख्य सड़कों, बाजारों, गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं।

नालियां और नाले भी कचरे से अटे होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर लोग कूड़ा मुख्य डिवाइडरों एवं सार्वजनिक स्थानों पर डालने को मजबूर हैं। बाजारों एवं आबादी वाले क्षेत्रों में जमा कचरे को कुछ लोग सुबह और देर शाम जला रहे हैं। इससे निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित कर रहा है और लोगों, विशेषकर सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए समस्या बढ़ रही है। नगर पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में करीब 76 सफाई कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें लगभग 50 कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वहीं करीब 25 से 30 कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं।

पार्षदों का कहना है कि इन कर्मचारियों को भी शहर की सफाई व्यवस्था संभालने के लिए पर्याप्त रूप से नहीं लगाया जा रहा है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि हड़ताल के बीच कुछ कर्मचारी अधिकारियों की कोठियों एवं बंगलों पर निजी कार्यों में लगाए गए हैं। उनका कहना है कि जब नगर पालिका के अधिकारियों से इन कर्मचारियों को शहर की सफाई में लगाने का आग्रह किया जाता है तो कथित तौर पर अधिकारियों की ओर से उच्च अधिकारियों के फोन आने का हवाला देकर उन्हें वहां से हटाने में असमर्थता जताई जाती है।

शिकायत भेजने की चेतावनी

पार्षदों का कहना है कि शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और दूसरी ओर हड़ताल से बाहर उपलब्ध कर्मचारियों का भी समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा। इससे आम लोगों में प्रशासन के प्रति रोष बढ़ रहा है। शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पार्षदों एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। पार्षदों ने कहा कि हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सफाई कराई जानी चाहिए और उपलब्ध कर्मचारियों को शहर की सफाई व्यवस्था में लगाया जाना चाहिए।

Exit mobile version