Himachal Mini Anganwadi Centers: शिमला: हिमाचल प्रदेश में बच्चों के समग्र विकास और पोषण को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ी पहल की जा रही है। प्रदेश सरकार ने राज्य के 386 मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनवाड़ी केंद्रों में अपग्रेड करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। मंजूरी मिलते ही इन केंद्रों का आधुनिकीकरण शुरू कर दिया जाएगा।
इससे पहले राज्य में 153 मिनी केंद्रों को पहले ही मुख्य केंद्रों में बदला जा चुका है, जिससे न केवल बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं, बल्कि कर्मचारियों को भी आर्थिक रूप से फायदा हुआ है।
-केंद्रों का दायरा बढ़ेगा, सुविधाएं सुधरेंगी
प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव आशीष सिंहमीर के अनुसार, प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों के केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर अपग्रेड किया जाएगा।
यह बदलाव न केवल केंद्रों की भौतिक संरचना में सुधार लाएगा, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करेगा।
-कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों के पूर्ण केंद्र बनने के साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन में भी इजाफा होगा। वर्तमान में जहां कार्यकर्ताओं को ₹10,500 और सहायिकाओं को ₹5,000 प्रतिमाह मिलते हैं, वहीं अपग्रेड के बाद वेतन ढांचे में वृद्धि की जाएगी और सहायिकाओं के लिए नए पद भी सृजित होंगे।
-पोषण 2.0 योजना के अनुरूप पहल
यह प्रस्ताव केंद्र सरकार की “पोषण 2.0” योजना की सोच को आगे बढ़ाता है, जिसका मकसद देश के बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा उपलब्ध कराना है। राज्य में वर्तमान में कुल 539 मिनी आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनमें से 386 को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त पूर्ण केंद्र बनाया जाएगा।

