चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चलाए गए स्वच्छता अभियान का धरातल अब व्यापक असर दिखाई देने लगा है। गुरुग्राम में इस मुहिम ने न केवल शहर का स्वरूप बदला है बल्कि नागरिकों में भी जागरूकता और उत्साह का संचार किया है।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, प्रशासनिक टीम और लोगों की सक्रिय भागीदारी से गुरुग्राम के अनेक इलाकों में साफ-सफाई के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पार्क, सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों की खूबसूरती पुनः लौट आई है। नागरिकों का कहना है कि शहर में अब स्वच्छता का स्तर सुधरा है।
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वच्छता अभियान के दौरान स्वयं श्रमदान करके स्वच्छता का संदेश दिया और लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया। स्थानीय नागरिक, सामाजिक संस्थाएँ, आरडब्ल्यूए (रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) और स्वयंसेवी संगठनों ने स्वेच्छा से सफाई अभियान में हिस्सा लिया। कई इलाकों में लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर कचरा प्रबंधन की व्यवस्था दुरुस्त की, गली-मोहल्लों को साफ किया और पौधारोपण कर वातावरण को सुंदर बनाने में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वच्छता केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह एक जन आंदोलन है। जब तक हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझकर सहयोग नहीं करेगा, तब तक इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। मुख्यमंत्री के इस आह्वान को लोगों ने भी दिल से अपनाते हुए संकल्प लिया है कि वे अपने आस-पास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। यह पहल केवल एक दिन का कार्यक्रम न होकर दीर्घकालीन अभियान के रूप में जारी रहेगी।
सरकार की ओर से इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नगर निगम गुरुग्राम के अलावा अन्य शहरों में भी स्थानीय निकायों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई न रहे। साथ ही, आधुनिक तकनीक आधारित कचरा निपटान प्रणाली, डोर-टू-डोर कलेक्शन और सेग्रीगेशन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया है।
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