हरियाणा के फरीदाबाद से एक आतंकी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस को उसके घर से विभिन्न हथियारों के मॉडल बरामद हुए है। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। और आतंकी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने जांच में पाया कि आतंकियों ने अयोध्या में राम मंदिर पर हमला करने की योजना बनाई थी। इस योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए वह झारखंड के आतंकी अबू सूफियाना के संपर्क में था।
फरीदाबाद के स्पेशल टास्क फोर्स आतंकी से पूछताछ में जुटी है। गुजरात ATS और IB के इनपुट के बाद अब्दुल रहमान पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसके बाद आतंकी को 2 मार्च को फरीदाबाद के पाली इलाके से पुलिस ने पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट मे पेश किया गया। पुलिस ने आतंकी को 10 दिन की पुलिस रीमान पर लिया है।
पूछताछ में अब्दुल रहमान ने बताया कि उसे दिल्ली में रह रहे उसके साथी ने हैंड ग्रेनेड पहुंचाया। उसके बाद अब्दुल को यही ग्रेनेड अपने तीसरे साथी को देना था। ताकि उनका आतंकी संगठन रामनवमी के दिन अपनी योजना को अंजाम तक पहुंचा सके।
अब्दुल के पास से पुलिस ने 2 हैंड ग्रेनेड और 2 मोबाइल फोन बरामद किए है। उन फोन में भड़काऊ विडियोज है। उसके अलावा आरोपी ने बताया कि वह वॉट्सएप कॉल के जरिए अबू सूफियान के संपर्क में था। और उसी के निर्देशों पर वह कार्य करता है। अबू सूफियान के कहने पर ही वह निजामुद्दीन से बड़खाल चौक ओर वहां से पाली गांव पहुंचा था।
अबू सूफियान काफी समय से झारखंड के चतरा इलाके में रह रहा है। ओर गरीब युवाओं का ब्रेन वश कर उन्हें आतंकी के रूप में तैयार करता है। इसके लिए वह देश के प्रत्येक कोनों में मौजूद स्लीपर मॉड्यूल की मदद लेता है। आतंकी अबू सूफियान ने पाक अधिकृत कश्मीर पहुंच कर ISI से ट्रेनिंग भी ली हुई है।
पुलिस जगह–जगह मौजूद सीसीटीवी कैमरों की जांच–पड़ताल कर रही है। पुलिस अब्दुल के गांव मजनई में भी पूछताछ करने पहुंची। जहां के पूर्व प्रधान ने बताया कि अब्दुल 7 महीने पहले दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने पहुंच था। उसके बाद वह गांव में ही रह रहा था। इसके बाद फिर दिनांक 1 मार्च को दिल्ली के लिए निकल गया।
पुलिस को शक है कि आतंकी के पास से बरामद ग्रेनेड पाकिस्तान से पहुंचाए गए है। शक है कि यह ग्रेनेड राजस्थान या पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से भारत में ड्रोन के जरिए लाकर अब्दुल तक पहुंचाए गए है। जिनका प्रयोग पहले तो कुंभ में किया जाना था। लेकिन योजना विफल होने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया और फिर योजना राम मंदिर में हमला करने की बनाई गई। जिसे अंजाम देनेंके लिए राम नवमी का दिन चुना गया था।
पुलिस उस मामले की तहकीकात में जुटी हुई हैं। अभी भी भूतबसे सवाल है जिनकी यह तक जाने की कोशिश की जा रहीं है। पुलिस इस आतंकी नेटवर्क में जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। हमला किसके द्वारा किया जाना था। यह अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस आतंकी से लगातार पूछताछ कर रही है।

