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कुवि में उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध न होने का मामला गरमाया; विद्यार्थियों ने थर्ड गेट बंद कर किया प्रदर्शन

कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में फिजिकल एजुकेशन के करीब 200 विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित मामला सामने आने के बाद बुधवार को विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के थर्ड गेट को बंद कर अपना रोष जताया। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें घर पर पत्र भेजकर सूचित किया गया है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए कहा गया है। इस स्थिति को लेकर विद्यार्थियों ने चिंता जताई कि दोबारा परीक्षा देने से उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने सुबह करीब तीन घंटे तक कुलपति कार्यालय के सामने धरना दिया। उनका कहना है कि इस दौरान उनकी समस्याएं सुनने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की स्थिति स्पष्ट करने, संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता की जांच कराने और प्रभावित विद्यार्थियों के लिए उचित समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए बाध्य करने के बजाय ऐसा विकल्प अपनाया जाए, जिससे उनका शैक्षणिक नुकसान न हो।

एमए योगा की स्टूडेंट पायल ने बताया कि आंसरशीट यूनिवर्सिटी से गुम हुई हैं। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। अब दोबारा एग्जाम देने की बात कही जा रही है, लेकिन वे दोबारा एग्जाम क्यों दें। पहले वीसी आफिस के बाहर बैठ कर अधिकारियों का इंतजार किया। करीब तीन घंटे तक कोई जवाब नहीं मिला, तो थर्ड गेट पर पहुंच कर दोनों गेट बंद कर दिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के छात्र नेता शुभम ने कहा कि फिजिकल एजुकेशन के विद्यार्थियों को परीक्षा परिणामों और री-इवैल्यूएशन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उनके अनुसार, कुछ विद्यार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जानकारी के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत आवेदन किया था। शुभम का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जवाब में उत्तर पुस्तिकाएं गुम होने की जानकारी दी गई और विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने के लिए कहा गया। शुभम ने कहा कि यह मामला करीब 200 विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित विद्यार्थियों को पिछले सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर औसत अंक देने पर विचार किया जाए।

साथ ही, उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। छात्र नेता प्रशांत त्यागी ने कहा कि विद्यार्थियों को भेजे गए पत्रों में उत्तर पुस्तिकाएं गुम होने की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन संबंधित विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्थिति स्पष्ट करे और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उचित निर्णय ले।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार परीक्षाएं दी थीं, इसलिए उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ी समस्या का समाधान विश्वविद्यालय प्रशासन को करना चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, प्रभावित विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और उनके शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग की।

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