अंबाला। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। उम्मीद है कि ये राहत सोमवार 27 अप्रैल से उत्तर भारत के मौसम बदलने से मिलेगी।
इन राज्यों में मिल सकती है राहत
यदि बात करें पहाड़ी राज्यों के साथ-साथ मैदानी इलाकों की तो विशेषकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कई क्षेत्रों में 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-अंधड़ चल सकते हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज़ बारिश और तुफानी बौछारें भी पड़ने के आसार हैं, जिससे लगातार बढ़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है।
तापमान के कारण वातावरण अस्थिर
हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में बढ़े हुए तापमान के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है, जिसके चलते गरज-चमक वाले बादलों का निर्माण होगा। एक-दो स्थानों पर तेज़ गर्जना के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है, हालांकि यह सभी जगह नहीं होगी। मौसम में इस बदलाव के चलते तापमान में करीब 4–5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन की ओर से दी गई है।
अब तक बाजारों में था सन्नाटा
अप्रैल के महीने में ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को लांघ गया था। गर्मी अपने तेवर दिखा रही थी। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लू से भी राहत मिलने की उम्मीद है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोग अब तक केवल जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। इस मौसम के बाद सड़कों के साथ-साथ बाजारों में भी रौनक लौट आएगी।
मई‑जून में टूट सकता है रिकॉर्ड
मौसम विभाग की ओर से जारी की गई सूचनाओं के अनुसार इस बार गर्मी मई‑जून में रिकॉर्ड तोड़ सकती है। इन महीनों में गर्मी और हीट वेव के दिनों में बढ़ोतरी की आशंका है। इसलिए इस मौसम में लू से बचाव बेहद जरूरी है। बिना जरूरी काम के दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, सिर को ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी ही बचाव है।
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