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प्रोपर्टी डीलर की हत्या की साजिश में शामिल 2 आरोपी गिरफ्तार

रोहतक: जिला के गांव खेड़ी साध निवासी प्रोपर्टी डीलर सत्यवान की हत्या की साजिश में शामिल रहे 2 आरोपियों को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। इससे पहले हत्या को अंजाम देने वाले 2 आरोपियों को पुलिस टीम ने 5 देसी पिस्तौल व 5 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। 20 फरवरी को रोहतक के खरावड़ आउटर बाईपास पर खेड़ी साध गांव निवासी प्रोपर्टी डीलर सत्यवान की कार लावारिस हालत में मिली थी। कार के अंदर और बाहर खून ही खून था। पुलिस जांच टीम को मौके से 14 गोलियों के खोल मिले। एक काले रंग की घड़ी भी टूटी हुई मिली।

एक मोबाइल फोन भी था, जिस पर खून लगा हुआ था। कार में शराब की बोतल व गिलास भी थे। गोलियां लगने से कार के शीशे चकनाचूर हो गए थे। लेकिन कार के अंदर कोई नहीं था। जिससे अंदाजा लगाया गया कि किसी व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की गई है। जांच के बाद कार रोहतक जिला के खेड़ी साध गांव के सत्यवान के नाम पर रजिस्टर्ड मिली। घटना वाले दिन सत्यवान अपने बेटे आयुश का पेपर दिलवाने के लिए खरखौदा के एक स्कूल में गया था। उसके बाद रोहतक में वीटा चौक के नजदीक अपने मौसेरे भाई जगमेंद्र के पास गया था। फिर जमीन की कागजात के लिए सांपला में तहसील में भी गया था। आईएमटी पुलिस स्टेशन में सत्यवान की मां धनपति की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103, 140(1), 3(5) व शस्त्र अधिनियम की धारा के तहत केस दर्ज किया गया था।

एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी प्रतीक अग्रवाल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। इस टीम आईएमटी पुलिस स्टेशन के प्रभारी इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, अपराध जांच शाखा प्रथम, अपराध जांच शाखा द्वितीय और साइबर सैल को शामिल किया गया। हत्याकांड की जांच में शामिल अपराध जांच शाखा द्वितीय की टीम ने 24 फरवरी की अल सुबह रोहतक-झज्जर रोड पर एक युवक को शक के आधार पर काबू किया। युवक की पहचान रोहतक जिला के भाली आनंदपुर गांव निवासी मनीष के रूप में हुई। मनीष के पास मिले बैग से 5 देसी पिस्तौल व 5 कारतूस बरामद हुए।

आरोपी के खिलाफ शिवाजी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में शस्त्र अधिनियम की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया गया। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला। आरोपी मनीष से पूछताछ की गई तो उसने सत्यवान की हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सत्यवान की गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद एसआईटी ने छापेमारी करते हुए भिवानी जिला के बापौड़ा गांव निवासी मंजीत उर्फ माफिया को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों की निशानदेही पर एसआईटी ने कन्हेली-पहरावर रोड स्थित जेएलएन नहर से सत्यवान का शव बरामद कर लिया।

पुलिस टीम को पता चला कि 19 फरवरी को आरोपी मनीष ने सत्यवान की कार में जीपीएस लगाया था और जीपीएस सिस्टम के जरिए ही लोकेशन टेऊस की जा रही थी। पुलिस को इस संबंध में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली थी। आईएमटी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस जांच टीम ने हत्याकांड की साजिश में शामिल रहे खेड़ी साध गांव निवासी सुशील व अजय को गिरफ्तार किया है। सत्यवान की हत्या पुरानी रंजिश के चलते ही की गई थी। दरअसल खेड़ी साध गांव के धमेर्ंद्र की एक जनवरी 2018 को हुई हुत्या के संबंध में सत्यवान को 20 साल की सजा हुई थी।

सत्यवान ने हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दायर कर रखी है और फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर आया हुआ था। इसी रंजिश में अब सत्यवान की हत्या की गई। सत्यवान की मां धनपति ने भी धमेर्ंद्र के परिजनों व रिश्तेदारों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया था। जिनमें धमेर्ंद्र की बहनों, धमेर्ंद्र के चाचा व चचेरे भाइयों और झाड़ौदा कलां निवासी रिश्तेदार प्रदीप पर शक जताया गया था। हालांकि इसी दौरान काला राठी सुंदर राठी के नाम पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस मामले में जिम्मेदारी ली गई थी।

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