चंडीगढ़। दक्षिण हरियाणा में हुई बेमौसमी बारिश ने किसानों का मौसम पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। जहां सिरसा में रबी की फसल कटाई के दौर में है, वहीं नूहं में अभी फसल खेतों में है। ऐसे समय में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की नींद उड़ा दी है।
सिरसा जिले में सरसों की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी है और कई इलाकों में कटाई भी शुरू हो गई है। लेकिन हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पकी फसल अगर ज्यादा देर तक भीगती है तो उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा रहता है।
यदि बात करें सिरसा की तो यहां की अनाज मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। अब तक करीब 80 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। खास बात यह है कि प्राइवेट फर्में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 6250 रुपये प्रति क्विंटल से भी अधिक दाम दे रही हैं, जिससे कि किसानों को कुछ राहत जरूर मिल रही है।
नूंह जिले में झमाझम बेमौसमी बारिश ने हालात और खराब कर दिए हैं। यहां अधिकतर फसलें अभी खेतों में खड़ी हैं और पूरी तरह तैयार नहीं हुई थीं। ऐसे में बारिश के कारण फसल काली पड़ने लगी है और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
नूंह के किसानों का कहना है कि वे पहले ही महंगे बीज, खाद और मजदूरी के खर्च से परेशान थे। अब बारिश के कारण फसल खराब होने से उन्हें दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। उनको एक ओर तो फसल खराब होने की चिंता सता रही है। दूसरी ओर कर्ज की भी चिंता है। यदि उन्हें मंडी में सही दाम नहीं मिले तो वे कहीं के नहीं रहेंगे। मजदूरों की कमी और कटाई में आ रही दिक्कत भी परेशानी का कारण है।
नूंह के किसानों का कहना है कि बारिश ने हमारी फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया है, कई जगह फसल काली पड़ गई है। किसान ने बताया कि हम पहले ही खर्चों से परेशान थे, अब इस बारिश ने हालात और खराब कर दिए हैं। इसके साथ ही किसान असरफ का कहना है कि सरकार को जल्द सर्वे कर मुआवजा देना चाहिए, नहीं तो किसानों की हालत और बिगड़ जाएगी। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का सही आकलन कर जल्द मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि पहले भी नुकसान हुआ था, लेकिन राहत नहीं मिली. इस बार वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी मदद करेगी।
किसानों का कहना है कि बदलते मौसम ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है। आज की तारीख में मौसम ही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि मौसम साफ हो, जिससे कि वे अपनी फसल को सुरक्षित बचा सकें।
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