चंडीगढ़: मजबूत शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत 2047 की अवधारणा के साथ हरियाणा सरकार नए संकल्प के साथ देश की प्रगति में सहभागी बन रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुग्राम में शिक्षाविद् व महिला प्रतिनिधिगण के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक में सीधा संवाद कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी व गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में भारतीय संस्कृति के अग्रदूत स्वामी विवेकानंद जी की जंयती पर उन्हें नमन किया और उपस्थित प्रतिनिधिगण को लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व की भी शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ज्ञान की शक्ति के साथ मातृ शक्ति के समागम में आगामी बजट में विशेष पहलुओं के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा समाज की आत्मा है। आने वाली पीढ़ियों के चरित्र, कौशल, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की चेतना में शिक्षा सुधार करते हुए विकसित भारत 2047 का शास्वत रूप दिया जाएगा।
अनुसंधान एवं शोध में बसती है उच्चतर शिक्षा की आत्मा :-
मुख्यमंत्री ने बताया कि उच्चतर शिक्षा की आत्मा अनुसंधान एवं शोध कार्य में बसती है इसलिए प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में हरियाणा में 20 करोड़ रुपये का हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया है। हर जिले में एक राजकीय महाविद्यालय को मॉडल संस्कृति महाविद्यालय के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया था। ये 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों को वर्ष 2026-27 में पूरी तरह लागू कर देंगे। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए गत 08 जनवरी को पंचकूला में नीव पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया। यह पोर्टल एक इंटेलिजेंट, डाटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करता है।

