अंबाला। प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र में मौसम फिर करवट ले रहा है। जीटी रोड बेल्ट और एनसीआर क्षेत्र में गर्मी के तेवर तल्ख हो गए हैं। यदि बात करें मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार क्षेत्र में तापमान में उतार-चढ़ाव के बाद अब गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाने के मूड में है।
ओलावृष्टि से मिली अस्थायी राहत
उनका कहना है कि हाल ही में सक्रिय एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को हल्की बारिश, बूंदाबांदी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे अस्थायी राहत मिली। उन्होंने बताया कि शनिवार रात उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से रविवार को हरियाणा के कई जिलों—सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, जींद, रोहतक और झज्जर—में बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवाएं और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
सामान्य से अधिक रहेगा न्यूनतम तापमान
यह सिस्टम ज्यादा प्रभावी नहीं रहेगा और रविवार रात तक आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद क्षेत्र में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 45 डिग्री से भी अधिक दर्ज किया जा सकता है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है।
मौसम विभाग दे रहा ये चेतावनी
डॉ. चंद्रमोहन ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं होगी, जिससे गर्मी लगातार बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर लू जैसे हालात बन सकते हैं। आमजन को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि अप्रैल के अंतिम दिनों और मई के पहले सप्ताह में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव आएगा। इस दौरान तेज हवाएं, आंधी-अंधड़ और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट संभव है, हालांकि बीच-बीच में उमस भरी गर्मी भी परेशान कर सकती है। शनिवार को प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें रोहतक का अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों ने लोगों से गर्मी को नजरअंदाज न करने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।
प्रशासन जारी कर रहा अलर्ट
दक्षिण हरियाणा में लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने जिले के नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस तपती गर्मी और लू के थपेड़ों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि बढ़ता पारा स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर के समय बेवजह घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें ताकि हीट वेव के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
ये डॉक्टरों की राय
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका मुख्य कारण अत्यधिक गर्मी है। लू के कारण शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों के प्रति अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि ये समूह गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। डॉ. कुमार ने सुझाव दिया है कि प्यास न होने पर भी बार-बार पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, जिससे कि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे।
दोपहर के समय न निकलें घर से बाहर
प्रशासन की ओर से सलाह दी गई है कि दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से परहेज करें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर को छाते, टोपी या गमछे से ढककर निकलें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें। खान-पान में बासी भोजन और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए, जबकि छाछ, नींबू पानी और ओआरएस के घोल का सेवन अमृत समान है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी सूरत में बच्चों या बुजुर्गों को बंद खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें, क्योंकि इससे जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।
इस तरह पहचानें लू के लक्षण
• तेज बुखार और लगातार सिरदर्द होना।
• चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना।
• त्वचा का पूरी तरह सूख जाना, लाल होना या शरीर का बहुत गर्म होना।
• बहुत अधिक पसीना आना या पसीना बिल्कुल बंद हो जाना।
• सांसों की गति या धड़कन का अचानक तेज होना।
लू के लक्षण दिखे तो तुरंत क्या करें
यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडे पानी की पट्टियों से पोंछें और यदि व्यक्ति होश में हो, तो उसे ओआरएस का घोल या पानी पिलाएं। हालत में सुधार न होने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें।
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