नेशनल डेस्क: जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले में थाथरी उप-मंडल के कुछ इलाकों में बादल फटने से बहुत तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 10 से ज्यादा मकान बह गए हैं और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय लोग बहुत डर और तनाव में हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
डोडा में आए सैलाब से हुई तबाही
पहले के अपडेट के मुताबिक, बादल फटने के बाद तेज बारिश और पहाड़ों से आए सैलाब के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। डोडा जिले में कई घर बह गए हैं और कई पेड़ रास्ते में आकर गिर गए हैं, जिससे सड़कें भी जाम हो गई हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम शुरू कर दिया है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नदी का पानी उफान पर है और बाजारों में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कई रास्तों को बंद कर दिया है। प्रशासन ने यह भी अलर्ट जारी किया है कि शाम तक भारी बारिश हो सकती है, जिससे राहत कार्यों में और परेशानी आ सकती है।
#WATCH | Doda, Jammu and Kashmir | Continuous heavy rainfall across Doda district has triggered landslides, mudslides, and shooting stones, leading to the closure of several link roads as well as stretches of the national highway. pic.twitter.com/0EuHmW5XNu
— ANI (@ANI) August 26, 2025
शहर में नदी का पानी घुसा
तवी नदी का पानी काफी तेज बह रहा है और कई निचले इलाकों में पानी भर चुका है। प्रशासन ने इन इलाकों को खाली करवा लिया है ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके। रामबन इलाके में भारी भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे भी बंद कर दिया गया है।
पिछली प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र
इससे पहले, 14 अगस्त को जम्मू के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में भी बादल फटा था, जिससे वहां के घर और दुकानें बह गईं और 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। यह इलाका मचैल माता यात्रा के रास्ते पर था, जहां हजारों तीर्थयात्री मौजूद थे। डोडा में इस आपदा ने सबको हैरान कर दिया है, और प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि ज्यादा नुकसान न हो।

