Heavy rain is expected in these 7 districts : अंबाला। प्रदेश में मानसून ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है और मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से मिल रही नमी के कारण मानसूनी गतिविधियां मजबूत हुई हैं, जिससे आने वाले घंटों में कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। बारिश से जहां तापमान में गिरावट आएगी, वहीं किसानों के लिए भी यह मौसम काफी लाभकारी साबित हो सकता है।
कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार: मौसम विभाग के अनुसार कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं झज्जर, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी और चरखी दादरी के कुछ इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 10 जुलाई तक प्रदेश का मौसम परिवर्तनशील रहेगा। मानसून ट्रफ हिसार और बठिंडा तक है। इसके अलावा अरब सागर में बन रहे डिप्रेशन और राजस्थान के ऊपर विकसित हो रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मानसून को मजबूती मिल रही है। इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में 10 जुलाई तक हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
झज्जर, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, फरीदाबाद और पलवल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि पानीपत, करनाल, फतेहाबाद, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में हल्की वर्षा दर्ज की गई। नमी बढ़ने से लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसका असर मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में पहले बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी, जबकि बाद में मध्य और पश्चिमी जिलों में भी वर्षा का दायरा बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार होने वाली बारिश से खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी. साथ ही दिन के तापमान में गिरावट आएगी और वातावरण में नमी बढ़ेगी। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी रहेगी, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इससे पहले सोमवार को गुरुग्राम में 34.5 मिमी, हिसार के बालसमंद में 31 मिमी, जींद में 26.5 मिमी, करनाल में 16 मिमी, चंडीगढ़ में 9.8 मिमी, चरखी दादरी में 9 मिमी और कैथल में 8.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
Also Read :
मेष: दिन शुभ रहेगा...