प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में गन कल्चर और बाहुबलियों को मिले शस्त्र लाइसेंसों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्ती बरत रहा है। कोर्ट ने राजा भैया, बृजभूषण सिंह, अब्बास अंसारी और धनंजय सिंह समेत कई बाहुबलियों की आपराधिक कुंडली सरकार से तलब की है।
सुरक्षा और गन लाइसेंस की होगी जांच
इसके साथ ही इन्हें मिली सुरक्षा और गन लाइसेंस की भी जांच के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति ने गृह विभाग के अधिकारियों को 26 मई तक विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने की बात कही है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित जिलों के पुलिस कप्तान और कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त लिखित अंडरटेकिंग देंगे कि कोई भी जानकारी छिपाई नहीं है। अगर तथ्य छिपाए गए तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।
याचिका पर हो रही थी सुनवाई
संत कबीरनगर निवासी जयशंकर उर्फ बैरिस्टर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि शस्त्र लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेशभर में जारी हथियार लाइसेंसों और दागी लोगों को मिली सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। सरकार की ओर से बताया कि इस समय 10,08,953 शस्त्र लाइसेंस जारी हैं। इसके अलावा 23 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं और करीब 20,960 परिवारों के पास एक से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस मौजूद हैं।
हाईकोर्ट ने की यह टिप्पणी
हाईकोर्ट ने कहा कि हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन समाज में भय और असुरक्षा पैदा करता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर हथियार आत्मरक्षा के बजाय डराने और दबदबा बनाने का जरिया बन जाएं, तो वे सुरक्षा नहीं बल्कि खौफ पैदा करते हैं। बेंच ने कहा कि ऐसा समाज जहां हथियारबंद लोग ताकत के दम पर प्रभाव कायम करें।
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