Last Updated: September 20, 2026

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PM मोदी और योगी आदित्यनाथ के बीच हुई हाई-लेवल मीटिंग, यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हचलल तेज

January 5, 2026

PM मोदी और योगी आदित्यनाथ के बीच हुई हाई-लेवल मीटिंग, यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हचलल तेज

नेशनल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक अहम बैठक पूरी हो चुकी है। यह बैठक करीब 30 मिनट तक चली। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा उत्तर प्रदेश में होने वाला मंत्रिमंडल विस्तार रहा। सूत्रों के अनुसार, इस बार कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर खास ध्यान दिया जाएगा। पार्टी चाहती है कि सभी वर्गों, जातियों और क्षेत्रों को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व मिले, ताकि किसी भी इलाके या समाज में नाराजगी न रहे।

 

SIR को लेकर पार्टी में चिंता
बैठक में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, SIR के दौरान कई ऐसे नाम मतदाता सूची से कट गए हैं, जो परंपरागत रूप से बीजेपी के मजबूत माने जाने वाले क्षेत्रों से थे। इसे लेकर पार्टी नेतृत्व ने चिंता जताई है क्योंकि इससे आने वाले चुनावों में नुकसान की आशंका है।

 

जमीनी स्तर पर लापरवाही पर नाराजगी
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने SIR को लेकर पहले ही सतर्क रहने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर कई नेताओं ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसी लापरवाही की वजह से कई अहम वोटरों के नाम कटे, जिस पर बैठक में विशेष मंथन किया गया।

 

आज जेपी नड्डा से भी करेंगे मुलाकात
आज शाम 3:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।

 

यूपी मंत्रिमंडल में खाली पदों की स्थिति
योगी सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में पहले 54 मंत्री थे, जिनमें से 6 पद पहले से खाली थे। 2024 लोकसभा चुनाव के बाद दो मंत्री—जितेंद्र प्रसाद और अनूप प्रधान—केंद्र सरकार में मंत्री बन गए, जिससे प्रदेश मंत्रिमंडल में और पद खाली हो गए हैं।

 

भूपेंद्र चौधरी को मिल सकती है जगह
माना जा रहा है कि प्रदेश के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को नई मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों को सरकार से हटाकर संगठन में भेजा जा सकता है, जबकि संगठन के कुछ नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है।

 

कुछ मंत्रियों का बढ़ सकता है कद
सूत्रों के अनुसार, कुछ राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है, जिससे उनका कद बढ़ेगा। इसके अलावा बोर्ड और निगमों में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

 

पश्चिमी यूपी पर खास फोकस
क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष दोनों पूर्वी यूपी से आते हैं, इसलिए इस बार पश्चिमी यूपी का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है। हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक का असर भी मंत्रिमंडल विस्तार में देखने को मिल सकता है।

 

2027 चुनाव की तैयारी में बीजेपी
बीजेपी का मुख्य लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना है। इसी रणनीति के तहत पश्चिमी यूपी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

 

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